Tuesday, Jan 25, 2022
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अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की मांग को सिद्धू ने दिया समर्थन

  • Updated on 12/5/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों अतिथि शिक्षकों ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर नौकरी को नियमित करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिसमें अतिथि शिक्षकों का कहना था कि मुख्यमंत्री जी ने 2014 में वादा किया था कि अतिथि शिक्षकों को पक्का कर दिया जाएगा। सत्ता में आए केजरीवाल सरकार को 7 वर्ष हो गए लेकिन अतिथि शिक्षकों से किया गया वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन में कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी पहुंचे।

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दिल्ली का शिक्षा मॉडल संविदा मॉडल है ः सिद्धू
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर केजरीवाल सरकार ने पंजाब चुनाव के मद्देनजर कहा है कि वह रा'य के संविदा शिक्षकों को नियमित करेंगे। जबकि दिल्ली में अतिथि शिक्षकों से किया वादा उन्होंने पूरा नहीं किया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि दिल्ली में 1031 सरकारी स्कूल हैं जबकि 196 स्कूलों में ही प्रधानाचार्य हैं। शिक्षकों के 45 फीसद पद खाली हैं। स्कूलों का संचालन 22000 अतिथि शिक्षकों द्वारा दिहाड़ी पर कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली का शिक्षा मॉडल भी संविदा मॉडल है।

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दिल्ली में 2021 में खाली शिक्षक पदों की संख्या बढ़कर हुई 19907
दिल्ली में 2015 में शिक्षकों के 12515 पद ही खाली थे लेकिन 2021 में यह आंकड़ा बढक़र 19907 हो गया है। उन्होंने कहा कि आप सरकार अतिथि शिक्षक रखकर खाली पदों को भर रही है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि आप सरकार ने अतिथि शिक्षकों से वादा किया था कि स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देंगे। लेकिन अतिथि शिक्षकों की स्थिति और खराब हो गई।

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मुख्यमंत्री जी ने पंजाब में अतिथि शिक्षकों से किया वादा, पर दिल्ली में 7 साल से नहीं निभाया 
आल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन में संगठन के अध्यक्ष अरुण डेढ़ा ने कहा कि बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी पंजाब में वहां के अस्थाई शिक्षकों को पक्का करने को बहुत छोटा काम बता रहे थे लेकिन दिल्ली के 22000 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षकों को अपने वादे के 7 साल बाद भी पक्का नही कर पाए। एसोसिएशन के महासचिव शोएब ने कहा कि पिछले 4 सालों से अतिथि शिक्षकों के वेतन में बढ़ोत्तरी नहीं की गई। जबकि दिल्ली सरकार के वित्त विभाग द्वारा अनुबंधित कर्मचारियों का वेतन हर साल बढ़ाने का आदेश है। जिसे अब तक लागू नहीं किया गया। हमारी मांग है वित्त विभाग का आदेश लागू किया जाए। अतिथि शिक्षकों का वेतन बढ़ाया जाए और समान कार्य-समान वेतन नियम लागू किया जाए।

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