Thursday, Apr 15, 2021
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सिंघू बॉर्डर पर लीगल सेल तैनात, गिरफ्तार और लापता किसानों की करेंगे मदद

  • Updated on 2/5/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों (New farm Laws) का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ जो भी कार्रवाई हो रही है, उसमें किसानों की मदद के लिए अब पंजाब के युवा वकीलों (Punjab Lawyers) के एक समूह ने मोर्चा खोल लिया है। आंदोलनरत किसानों में से गिरफ्तार किए गए किसानों और जो लापता हुए किसान हैं उनके केस हैंडल करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पांच वकीलों, जिनकी उम्र 24 से 34 के बीच है, सामने आए हैं। उन्हें सिंघू बॉर्डर पर मुख्य मंच में तैनात कर दिया गया है, ताकि वो प्रदर्शनकारियों तक आसानी से पहुंच सकें। 

मनसा के एक वकील रमनदीप कौर का कहना है कि हमारी लगभग 150 वकीलों की एक टीम हैं और सभी तीनों विरोध स्थलों पर समन्वय कर रहे हैं। वर्तमान में हम 181 लोगों के लिए काम कर रहे हैं। इनमें से 128 को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी के लापता होने की आशंका है। गिरफ्तार लोगों के लिए, हम उनकी जमानत और उनसे मुलकात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

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60 परिवारों के संपर्क में लीगल टीम
ये कानूनी टीम हर प्रकार से किसानों की सहायता करने का प्रयास कर रही है। वकीलों का कहना है कि हम उन सभी के परिवारों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं जो या तो गिरफ्तार हैं या लापता हैं। उन्होंने बहताया कि वो इस समय लगभग 60 परिवारों के संपर्क में हैं। इसके  साथ ही उनका कहना है कि हम उनके दोस्तों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं जो यहां मौजूद हैं और जो लोग उनके साथ एक ही ट्रॉलियों पर आए थे।

जारी किया हेल्पलाइन नंबर
ये वकील ट्रॉली से ट्रॉली में जाकर भी जानकारी एकत्र करने के साथ-साथ जागरूकता फैला रहे हैं कि उनकी सेवाएं उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं इस लीगल टीम ने किसान एकता मोर्चा सोशल मीडिया हैंडल और स्थानीय समाचार चैनलों के माध्यम से एक हेल्पलाइन नंबर भी प्रसारित किया है। जिससे की किसी भी जरूरत मंद आंदोलनरत किसान उन तक आसानी से पहुंच सके।

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इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध कुछ दिक्कतें
दिल्ली की सीमा पर किसान आंदोलन के चलते गृहमंत्रालय के आदेश पर इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में वकीलों का कहना है कि उनको अपना काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने बताया कि हम अपनी टीम के अन्य सदस्यों के साथ पंजाब में समन्वय कर रहे हैं। उदाहरण देेते हुए उन्होंने कहा कि हम यहां ऑनलाइन एफआईआर का उपयोग नहीं कर सकते हैं, इसलिए हम उन्हें कॉल करते हैं और उन्हें एफआईआर नंबर बताते हैं और उन्हें एक्सेस करते हैं। 

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