Wednesday, May 12, 2021
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दिल्ली पुलिस की जांच से जेएनयू हिंसा के गुनहगार पकड़े जाएंगे: स्मृति ईरानी

  • Updated on 1/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने रविवार को कहा कि दिल्ली पुलिस की जांच के बाद एक शिक्षण संस्थान के परिसर में हुई हिंसा के गुनहगारों को सजा होगी। उनका इशारा जेएनयू की ओर था। उन्होंने कहा कि कोई भी विपक्षी दल उन गैर राजनीतिक विद्यार्थियों की बात नहीं कर रहा है जो पढ़ाई करना चाहते हैं।

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भारतीय करदाताओं के पैसो का नुकसान
स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि जांच के बाद ‘इंसाफ’ होगा। वह संशोधित नागरिकता कानून पर एक जनसभा में हिस्सा लेने यहां आयी थीं। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी को हुई हिंसा के बारे में संवाददाताओं द्वारा पूछे जाने पर ईरानी ने कहा, किसी भी शिक्षण संस्थान में जो कोई भी सर्वर तोड़ता है या बाधा खड़ी करता है उसे समझना चाहिए कि वह  भारतीय करदाताओं के पैसे से चलता है और इससे उनके हितों को नुकसान पहुंचता है। 

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दिल्ली पुलिस ने देश के सामने सबूत रखा
उन्होंने कहा, ऐसी हरकतों से उन 3000 से अधिक विद्यार्थियों के हितों को भी नुकसान पहुंचता है जिन्होंने पंजीकरण करवाया है और उन शिक्षकों का भी नुकसान होता है जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। किसी भी विपक्षी दल ने उनकी ओर से नहीं बोला है, लेकिन मुझे आशा है कि जांच के बाद इंसाफ होगा। जेएनयू हिंसा के बारे में मंत्री ने कहा, जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस ने देश के सामने सबूत रखा है।

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कुछ लोग देश को बांटने की बात करते हैं
उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के नाते बस मैं इतना कहना चाहूंगी कि दोषियों को अदालत में पेश किये जाने वाले सबूत के आधार पर सजा हो। जेएनयू परिसर में पांच जनवरी को नकाबपोश लोगों ने लाठी डडों से हमला किया था जिससे कई विद्यार्थी घायल हो गये थे।

वाम संगठनों ने आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन परिषद ने स्पष्ट इनकार किया है। भाजपा सांसद ईरानी ने कहा, जो देश को बांटने की बात करते हैं, नारे लगाते हैं, जो भारत के संविधान को नहीं स्वीकार करते हैं, उन्हें इस तथ्य को स्वीकार करना चाहिए कि वे स्वतंत्र भारत के खिलाफ इसलिए नारे लगा पाते हैं क्योंकि कई सैनिकों ने सीमाओं पर अपना जीवन बलिदान दिया है।

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