Saturday, Apr 20, 2019

#WorldAutismDay: खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे आपके बच्चे? जानें गंभीर बीमारी के लक्षण

  • Updated on 4/2/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। क्या आपका बच्चा आस-पास के माहौल को देखकर सहम जाता है? क्या वह बाकी बच्चों के मुकाबले जल्दी आपकी बात पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाता? क्या वह अपने आप में ही कहीं खोया रहता है? क्या वह लोगों से नजरे मिलाने में कतराता है? अगर आपका बच्चा भी सामान्य बच्चों के मुकाबले प्रतिक्रिया नहीं करता, तो हो सकता है आपका बच्चा ऑटिज्म बीमारी से पीड़ित हो।

दरअसल ऑटिज्म एक मानसिक बीमारी है। इस बीमारी के लक्षण बच्चे में बचपन से ही पनपने शुरू हो जाते हैं। यह रोग बच्चे के मानसिक विकास को रोक देता है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों का विकास तुलनात्मक रूप से धीरे होता है। इस बीमारी में बच्चा बचपन से ही परिवार, समाज व बाहरी माहौल से जुड़ नहीं पाता।

यह एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है, जो बातचीत और दूसरे लोगों से व्यवहार करने की क्षमता को सीमित कर देता है। इसे ऑटिस्टिक स्पैक्ट्रम डिसॉर्डर भी कहा जाता है। इस बीमारी का असर जन्म से लेकर 3 वर्ष की आयु तक ही देखने को मिल जाता है। कुछ बच्चों में ये बीमारी डर के रूप में भी दिखाई देती है।

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हर वर्ष 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद लोगों में खासकर की माता-पिता में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना है।

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ऑटिज्म के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि ये बीमारी सेंट्रल नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचने के कारण होती है। कई बार महिलाओं में गर्भावस्था के समय खानपान सही न लेने की वजह से बच्चे में ऑटिज्म होने का खतरा बढ़ जाता है।

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ऑटिज्म के लक्षण

  • ऑटिज्म पीड़ित बच्चे दूसरों के मुकाबले खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते।
  • ऐसा बच्चा अकेला रहना पसंद करता है।
  • माता- पिता की बात सुनने के बावजूद भी ऐसे बच्चे प्रतिक्रिया देने में असहज महसूस करते हैं।
  • ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को भाषा संबंधी रुकावट का भी सामना करना पड़ता है।
  • इस बीमारी से ग्रस्त बच्चे ज्यादातर अपने आप में ही खोया रहता है।
  • इस तरह के बच्चों का विकास औरों के मुकाबले तुलनात्मक रूप से धीरे होता है, जिसके कारण उनमें रचनात्मकता पनप नहीं पाती।
  • अगर आपका बच्चा नौ महीने का होने के बाद भी न तो मुस्कुराता है और न ही कोई प्रतिक्रिया देता है तो हो सकता है वो ऑटिज्म से पीड़ित हो।

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ऑटिस्टिक बच्चों की ऐसे करें मदद

  • ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को हमेशा प्यार से चीजें सिखाए। उन्हें धीरे-धीरे बात समझाने की कोशिश करें। बड़े-बड़े शब्दों की जगह पर उनसे छोटे-छोटे वाक्यों में बात करें।
  • अगर बच्चा बोलने में असमर्थ है तो उनसे इशारों के जरिए बात करें।
  • इस तरह के बच्चों के साथ नर्मी के साथ पेश आएं, उनपर ज्यादा गुस्सा न करें।
  • हर वक्त इन पर नजर रखना बहुत जरूरी है। किसी बात पर वे गुस्सा हो जाए तो उन्हें प्यार से शांत करें।
  • ऐसे बच्चों को शारीरिक खेल के लिए प्रोत्साहित करें।

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