Saturday, May 08, 2021
-->
sonia-gandhi-forms-3-panels-to-steer-party-position-includes-dissenters-prsgnt

सोनिया गांधी ने पार्टी की स्थिति सुधारने के लिए बनाए 3 पैनल, इन असंतुष्ट नेताओं को भी किया शामिल

  • Updated on 11/21/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लगातार चुनावों में मिल रही हार और बिगड़ती परफॉरमेंस के बाद कांग्रेस पार्टी अब अपनी आंतरिक स्थिति स्पष्ट करने में लगी है। इसी के मद्देनज़र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के उच्च नेताओं को शामिल कर तीन पैनलों का गठन किया है। 

हालांकि पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पार्टी ने यह कदम आर्थिक, विदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मामलों पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट रखने के लिए उठाया है। इन पैनलों में एक-दो को छोड़ ज्यादातर पुराने नेता ही शामिल हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद और कई अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं।

बिहार में सफलता के बाद अब चुनावी राज्यों के 100 दिन के दौरे पर निकलेंगे BJP अध्यक्ष, ये होगा प्लान

जनकारी के अनुसार, इन तीन पैनलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के साथ, गुलाम नबी आजाद, एम वीरप्पा मोइली और शशि थरूर जैसे नेता भी शामिल हैं, जिन्होंने अगस्त में सोनिया गांधी को पत्र लिखा था और पार्टी में हर स्तर पर बदलाव की मांग की थी। 

इन पैनल्स में पुराने नेताओं को शामिल करने का यही मतलब निकाला जा रहा है कि गंभीर नीतिगत मुद्दों पर फैसले लेने के लिए सोनिया गांधी अब भी पार्टी के पूराने नेताओं पर भरोसा करती हैं।

प्यार में 'जिहाद' जैसा कुछ नहीं, देश को बांटने के लिए BJP ने गढ़ा 'लव जिहाद' शब्द- अशोक गहलोत

बताते चले कि इससे पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम  ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के ताजा बयान को लेकर कहा था कि यह कांग्रेस के लिए आत्मविश्लेषण, चिंतन और विचार-विमर्श करने का समय है।

दरअसल, सिब्बल ने अंग्रेजी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस' को दिए साक्षात्कार में कहा है कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान ली है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं। सिब्बल ने सोमवार को अपने इस साक्षात्कार का लिंक साझा करते हुए ट्वीट किया तो इसे रिट्वीट करते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा, 'यह आत्मविश्लेषण, चिंतन और विचार-विमर्श करने का समय है।'

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.