Wednesday, Jul 06, 2022
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sp leader azam khan released from jail after getting interim bail

अंतरिम जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खान जेल से रिहा, जाहिर किया अपना दर्द

  • Updated on 5/20/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद शुक्रवार सुबह सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता खान के बेटे एवं विधायक अब्दुल्ला आजम, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में समर्थकों ने करीब 27 माह बाद जेल से बाहर आने पर खान का स्वागत किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट््वीट कर आजम खान की रिहाई का स्वागत किया। यादव ने ट््वीट किया, ‘‘सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक आकाम $खान के जमानत पर रिहा होने पर उनका हाॢदक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं। पूरा ऐतबार है कि वे अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइका्कात बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!’’  

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 सीतापुर कारागार के जेलर आरएस यादव ने बताया कि रिहाई आदेश बृहस्पतिवार देर रात 11 बजे प्राप्त हुए, जिसके बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर आजम खान को शुक्रवार सुबह आठ बजे जमानत पर सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद आजम खान रामपुर के लिए रवाना होने से पहले सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे।   गुप्ता के घर पर लगभग 45 मिनट तक ठहरने के दौरान आजम ने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से मुलाकात की और वहां नाश्ता भी किया।  

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 इससे पहले अब्दुल्ला आजम जब सीतापुर जेल से रिहा हुए थे तो वह भी अनूप गुप्ता के घर गए थे। पीएसपी-एल नेता शिवपाल सिंह यादव जेल के बाहर मौजूद थे और उन्होंने बाद में आजम खान के साथ अपनी तस्वीरें ट््िवटर पर पोस्ट कीं। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को खान को अंतरिम जमानत दे दी थी,इसके बाद सांसद-विधायक स्थानीय अदालत ने सीतापुर जेल प्रशासन को देर रात पत्र भेजकर खान को रिहा करने को कहा था।  शीर्ष न्यायालय ने खान को अंतरिम जमानत देते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उसे (न्याालय को) मिले विशेषाधिकार का उपयोग करने के लिए यह एक उपयुक्त मामला है।    

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न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति  ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा था, ‘‘याचिकाकर्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए पुलिस थाना कोतवाली, रामपुर, उत्तर प्रदेश में 2020 के अपराध कांड संख्या 70 को लेकर दर्ज प्राथमिकी के संदर्भ में निचली अदालत द्वारा उपयुक्त पाये जाने वाले नियम व शर्तों पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है।’’    पीठ ने इस बात का जिक्र किया था, ‘‘सामान्य परिस्थितियों में, हम मौजूदा रिट याचिका पर सुनवाई नहीं करते। याचिकाकर्ता को कानून में उपलब्ध उपायों का सहारा लेने का निर्देश दिया जाता। हालांकि, मौजूदा मामले में तथ्य बहुत असमान्य हैं।’’  

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 न्यायालय ने खान को दो सप्ताह के भीतर नियमित जमानत के लिए याचिका दायर करने का निर्देश दिया तथा निचली अदालत से कहा कि वह शीर्ष अदालत की किसी भी टिप्पणी से प्रभावित हुए बगैर याचिका के गुण-दोष के आधार पर इस पर निर्णय करे। शीर्ष अदालत ने कहा कि नियमित जमानत के लिए याचिका पर फैसला आने तक खान अंतरिम जमानत पर रहेंगे।  इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने खान की जमानत याचिका का विरोध करते हुए उन्हें ‘‘भूमि कब्जा करने वाला’’ और ‘‘आदतन अपराधी’’ बताया था।  उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने न्यायालय से कहा था कि खान ने जमीन हड़पने के मामले में जांच अधिकारी को कथित रूप से धमकी दी थी।  आजम खान भ्रष्टाचार समेत कई अन्य मामलों में पिछले 27 महीने से सीतापुर जेल में बंद थे। उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उनका जेल से बाहर आने का मार्ग प्रशस्त हुआ था ।   

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