speaker moves sc seeking more time to deal with the resignation issue of rebel mlas

कर्नाटक: स्पीकर पर SC की सख्ती, और वक्त देने से किया इनकार

  • Updated on 7/11/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पिछले 1 साल से चला रहा कर्नाटक (Karnataka) का नाटक चौथे दिन भी अपने चरम पर है। कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने बागी विधायकों के इस्तीफे के मुद्दे से निपटने के लिए और समय की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को मामलो की सुनवाई के लिए और अधिक समय देने से इनकार करते हए इस मामले को आज शाम ही फैसला करने का निर्देश दिया है। 

इससे पहले कर्नाटक के बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'सुबह हमने मामले की सुनवाई कल के लिए तय की है।'

बता दें कि इस्तीफा स्वीकार न करने पर स्पीकर के खिलाफ बागी विधायकों की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) कल सुनवाई करेगी। कोर्ट ने अपने फैसले में बागी विधायकों पर स्पीकर को आज ही फैसला करने को कहा है। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

बागी विधायक शाम 6 बजे स्पीकर से करेंगे मुलाकात

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष (Karnataka Speaker) के खिलाफ बागी विधायकों (MLAs) के इस्ताफे को मंजूरी नहीं देने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई को शुक्रवार तक टाल दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कांग्रेस-JDS के 10 बागी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष से गुरुवार शाम 6 बजे मुलाकात करने के लिए कहा है, और वे चाहें, तो इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि कर्नाटक विधानसभा स्पीकर को गुरुवार को ही अपना फैसला लेना होगा कोर्ट ने कर्नाटक के DGP को सभी बागी विधायकों को सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश दिया है। 

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मेरे इस्तीफे की जरूरत नहीं - कुमारस्वामी

इसके अलावा जहां एक ओर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM) और बीजेपी नेता बी.एस. येदियुरप्पा (BS Yeddyurappa) बहुमत होने का दावा कर रहे हैं और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी (CM Kumarswamy)  के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुमारस्वामी का कहना है कि मेरे पास बहुमत है और सभी विधायक हमारे साथ है, मेरे इस्तीफे की जरूरत नहीं है। जबकि कर्नाटक के आठ बागी विधायकों ने बुधवार को विधानसभा के स्पीकर को दोबारा अपने त्यागपत्र भेजे थे।

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13 इस्तीफों में से 8 कानून के मुताबिक नहीं 

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार ने मंगलवार को कहा था कि कोई भी बागी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की। उन्होंने भरोसा जताया था कि वे संवैधानिक नियमों का पालन करेंगे। उनका कहना था कि 13 इस्तीफों में से 8 इस्तीफे कानून के मुताबिक नहीं दिए गए हैं और उन्हें मेरे सामने पेश होने के लिए समय दिया है।

कांग्रेस के 12 विधायकों ने दिया इस्तीफा 

कांग्रेस के 12 विधायकों व एक अन्य विधायक ने विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस तरह यदि इनका इस्तीफा स्वीकृत हो गया तो 224 सदस्यों की विधानसभा में कुल 211 विधायक शेष होंगे। ऐसे में सरकार चलाने के लिए कम से 106 विधायकों की जरूरत होगी। इस्तीफा स्वीकृत हो जाने के बाद जेडीएस व कांग्रेस के विधायकों की संख्या 104 रह जाएगी। दूसरी ओर भाजपा के विधायकों की संख्या 105 है। वह दो निर्दलीय विधायकों से समर्थन हासिल करके सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

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