Wednesday, Oct 27, 2021
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still a ruckus over the word gurjar, there will be a mahapanchayat in mihir bhoj college on 26th

गुर्जर शब्द पर अब भी मचा हुआ घमासान, 26 को होगी मिहिर भोज कालेज में महापंचायत

  • Updated on 9/23/2021

 

नई दिल्ली, टीम डिजीटल: दादरी में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा लगाने और उसके नाम से गुर्जर शब्द हटाने का मामला यूपी चुनाव से पहले जातिवाद की राजनीति की तरफ मुड़ता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के सम्राट मिहिर भोज की दादरी स्थित डिग्री कालेज में मूर्ति अनावारण से पहले और बाद में लगतार विरोध प्रदर्शन जारी है। अनावरण के बाद सम्राट मिहिर भोज की शिला पट्टिा पर गुर्जर शब्द हटाए जाने से गुर्जर समाज के युवा आक्रोशित है। उनके निशाने पर गुर्जर समाज के बड़े नेता सांसद सुरेन्द्र नागर भी आ गए है। जो पहले बसपा फिर सपा और अब भाजपा में राज्यसभा से सांसद है। जिनकी कल अनावरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से जमकर तारीफ की थी। विधायक दादरी तेजपाल नागर तो कार्यक्रम आयोजन से पहले ही निशाने पर है। वहीं अनावरण से पहले क्षत्रिय समाज व करणी सेना ने भी सम्राट पर दावेदारी करते हुए मोर्चा खोल रखा था लेकिन अनावरण के बाद गुर्जर शब्द सम्राट के आगे न लिखा देख वह अब खामोश है और इस प्रकरण को और तूल देने के मूड़ में दिखाई नहीं दे रहे है।  
गुर्जर शब्द हटाए जाने और सम्राट मिहिर भोज को अपना वंशज बताए जाने का दावा करते हुए वीरवार को भी गुर्जर युवा उग्र दिखाई दिए। मेरठ में तो युवाओं ने सांसद सुरेन्द्र नागर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पोस्टर तक जला कर अपना विरोध किया। अब विरोध दादरी से निकल कर पश्चिमी उप्र व एनसीआर तक फैलने लगा है। अब गुर्जर समाज ने इस मामले में महापंचायत का आयोजन करने की घोषणा की है। महापंचायत दादरी के मिहिरभोज कॉलेज में ही होगी। यह जानकारी वीर गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल गुर्जर ने दी है। वहीं महापंचायत के एलान के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। स्थानीय खुफिया एजेंसी लगातार गुर्जर नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रही है। वहीं गौतमबुद्वनगर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने कहा कि किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं है। अगर कोई करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। वहीं दूसरी ओर दादरी विधायक तेजपाल नागर ने इसे विरोधी पार्टी के कुछ लोगों द्वारा मामले को हवा दिए जाने की बात कहीं है। 
राहुल गुर्जर का कहना है कि 26 सितम्बर को होने वाली महापंचायत में पूरे दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी से लोगों को बुलाया जा रहा है। इसके लिए समाज के जिम्मेदार लोगों से फोन करके सम्पर्क किया जा रहा है। जहां सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा लगाई गई है, वहीं इस महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। राहुल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गुर्जर समाज के साथ छल किया है। समाज से धोखाधड़ी की है। सत्ता का लाभ उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी राजनीति चमकाने के लिए  समाज की अस्मिता को दांव पर लगा दिया गया है। राहुल ने कहा, हम ऐसा नहीं होने देंगे। समाज के साथ विश्वासघात करने वालों को बेनकाब करेंगे। उन्हें इस षड्यंत्र के लिए सजा भी दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला
दादरी के डिग्री कॉलेज में गुर्जर विद्या सभा ने करीब एक साल पहले सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाने की योजना पर काम शुरू किया था। दादरी समेत आसपास के क्षेत्र से सहयोग राशि लेकर अष्टधातु की 15 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करवाया गया। यह प्रतिमा विख्यात शिल्पकार राम सुतार ने बनाई है। इस प्रतिमा का अनावरण करने के लिए गुर्जर विद्या सभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मिलने के बाद यह बात फैल गई कि सम्राट मिहिर भोज के नाम के साथ गुर्जर शब्द जोड़ा जा रहा है। इसका ठाकुर बिरादरी ने विरोध किया। हंगामा बढ़ता देखकर मामले को शांत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बीच का रास्ता निकाला। तय किया गया कि प्रतिमा के साथ राजपूत या गुर्जर शब्द नहीं जोड़ा जाएगा। अनावरण से पहले एक स्टीकर पर गुर्जर शब्द लिख कर लगा दिया गया लेकिन जब मुख्यमंत्री प्रतिमा के पास पहुंचे तो चंद सेंकेड पहले ही वह स्टीकर हटा दिया गया। आरोप है कि स्टीकर विधायक तेजपाल नागर ने हटाया है। जिसके बाद से उनके व मंचासीन रहे राज्यसभा सांसद जो पहले बसपा फिर सपा और अब भाजपा में है। सुरेन्द्र नागर युवा गुर्जरों के निशाने पर आ गए। 

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