Wednesday, Oct 16, 2019
strike due to heavy challan in delhi today, many schools will remain closed

मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के विरोध में हड़ताल, दिनभर परेशान रहे लोग

  • Updated on 9/19/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के विरोध में यूएफटीए संगठन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के कारण बृहस्पतिवार को निजी बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा सड़कों से दूर रहे, जिससे लोगों दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हड़ताल की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई स्कूल बंद रहे। हालांकि, कुछ स्कूलों ने बच्चों के माता-पिता से उन्हें स्कूल पहुंचाने और वापस ले जाने का प्रबंध करने को कहा था। दिल्ली मेट्रो और डीटीसी तथा क्लस्टर बसों पर इस बंद का असर नहीं रहा। यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स (यूएफटीए) के महासचिव श्यामलाल गोला ने कहा कि इस हड़ताल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 50 से ज्यादा परिवहन संगठन और यूनियनों ने इसमें हिस्सा लिया।

दिल्ली- NCR में सुबह लोगों को कार्यालयों तक जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि यूएफटीए संगठन की ओर से आयोजित हड़ताल के बाद निजी बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा सड़कों से नदारद रहे। यह हड़ताल मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन के खिलाफ बुलाई गई । यूएफटीए ने सड़क यातायात जुर्माना में हुई बढ़ोतरी समेत मोटर वाहन अधिनियम के कुछ अन्य प्रावधानों को वापस लेने की मांग की है।      ’

दिल्ली: नए मोटर व्हीकल एक्ट में कटा अब तक का सबसे बड़ा चालान

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 50 छोटे और बड़े ऑटो यूनियन हैं और इनमें से ज्यादा संख्या में यूनियनों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। दिल्ली में 90,000 से ज्यादा ऑटो हैं। इसी बीच ऐसी खबरें हैं कि बंद में हिस्सा नहीं लेने वाले कुछ ऑटो चालकों पर हमले भी हुए। हालांकि, सोनी ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि हड़ताल शांतिपूर्ण रही है और बड़ी संख्या में ऑटो चालकों ने अपनी इच्छा से हड़ताल में हिस्सा लिया। ग्रामीण सेवा संगठन, ई-रिक्शा सहित हल्के मोटर वाहनों के संगठन ने इस हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया।

यात्रियों को ऑटो या कैब नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस र्टिमनलों (आईएसबीटी) पर यात्रियों को ऑटो नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, यात्रियों का यह भी कहना था कि इस दौरान आने-जाने के साधनों के लिए ज्यादा किराया वसूला गया।

नए मोटर व्हीकल एक्ट का देश के कई राज्यों में भी विरोध
भारी चालान के चलते नए मोटर व्हीकल एक्ट का देश के कई राज्यों में भी विरोध हो रहा है। वहीं राज्य सरकारें भी इसे पूरी तरह से लागू करने से हिचक रही हैं। हड़ताल करने वाले संगठन यूएफटीए में ट्रक, बस, ऑटो, टेम्पो, मेक्सी कैब और टैक्सियों का दिल्ली/एनसीआर में प्रतिनिधित्व करने वाले 41 यूनियन और संघ शामिल हैं।

गुजरात सरकार ने ट्रैफिक नियमों का जुर्माना किया कम

बढ़े चालान से लोगो को आपत्ति
केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई ट्रैफिक चालान से राज्य सरकार में कोहराम पहले से मचा है। लोगों की आपत्ति है कि चालान की दरों के हिसाब से न तो सड़कें हैं और न ही लोगो की आय। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए ट्रैफिक नियमों का विरोध हो रहा है।

हड़ताल के कारण कई लोगों को अपने बच्चों के स्कूलों से संदेश मिला है कि गुरुवार को स्कूल बंद रहेंगे। क्योंकि बच्चे स्कूल जाने के लिए जिन वाहनों का इस्तेमाल करते है वे आज हड़ताल पर रहेंगे। 

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