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जयपुर शिफ्ट होंगे एनआईटी उत्तराखंड के छात्र- मानव संसाधन विकास मंत्रालय

  • Updated on 12/4/2018

श्रीनगर/ब्यूरो। राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर को अब तीन साल के लिए जयपुर स्थानांतरित किया जाएगा। लगभग दो माह से छात्रों के उग्र आंदोलन को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिल्ली ने आंदोलित छात्रों को एनआईटी जयपुर शिफ्ट करने के निर्देश एनआईटी श्रीनगर के कार्यवाहक निदेशक प्रो आर बी पटेल को दिए हैं।

यह निर्देश उन्हें एक ईमेल के माध्यम से भेजा गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे मेल के बाद अब स्थानीय लोगों में प्रदेश व केंद्र सरकार को लेकर भी आक्रोश है। इसके बाद से एनआईटी श्रीनगर के लगभग 500 छात्रों को एनआईटी जयपुर भेजा जाएगा।

जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र शामिल है। एनआईटी श्रीनगर के छात्रों को कब जयपुर शिफ्ट किया जाएगा व श्रीनगर के एनआईटी परिसर में कितने छात्र अध्यनरत रहेंगे इस पर एनआईटी प्रशासन ने चुप्पी साधी है। वहीं पूरे मामले पर भी एनआईटी प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है।

4 अक्तूबर से एनआईटी के स्थाई परिसर के निर्माण, सड़क दुर्घटना में घायल छात्रा के इलाज एवं अस्थाई कैंपस के स्थानांतरण की मांग को लेकर छात्र आंदोलित थे। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए एमएचआरडी ने एनआईटी प्रशासन को अस्थाई कैंपस के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने के निर्देश दिए थे।

एनआईटी प्रशासन ने आईडीपीएल ऋषिकेश में जगह भी ढूंढ ली थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद एनआईटी को ऋषिकेश शिफ्ट नहीं किया गया। इससे आक्रोशित छात्र 27 नवंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हो गए।

छात्रा की दुर्घटना से शुरू हुआ था आंदोलन

चार अक्तूबर को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो छात्राओं को एक बेकाबू कार की टक्कर से एक छात्रा गंभीर घायल हो गई थी। जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा था। जिसके बाद से छात्र आंदोलन पर चले गए।

क्या कहा था सीएम ने

एक बयान में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पंद्रह दिन पूर्व कहा था कि एनआईटी श्रीनगर के लिए जल्द ही स्थायी कैंपस बन जाएगा। इसके लिए राज्य में स्थानीय निकाय की चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाएंगे। उन्होंने कहा था कि एनआईटी को श्रीनगर से कहीं अन्य नहीं भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया था कि एनआईटी श्रीनगर के स्थायी परिसर के लिए सुमाड़ी के पास ही करीब 122 एकड़ जमीन तलाश ली गई है।

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