Friday, Feb 28, 2020
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Exclusive Interview: सुभाष बराला ने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को दी क्लीन चिट

  • Updated on 2/14/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला (Subhash Barala) ने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वह नहीं समझते कि ग्रोवर ने कोई घपला किया होगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच की मांग की गई है तो वह होनी चाहिए। बराला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर आपराधिक लोगों को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने की बात कही गई है। इस प्रकार के निर्णय को अध्ययन करने के बाद प्रयास है कि राजनीतिक क्षेत्र में सुचिता लाई जाए। हमारा प्रयास है कि साफ-सुथरे लोग राजनीति में रहें। 

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उन्होंने कहा कि सरकार के 100 दिन में विकास को गति मिली है। विपक्ष तो कोई न कोई आरोप लगाता ही है। बराला ने कहा कि 5 साल पहले और इस बार की सरकार में जीरो टॉलरैंस रखी गई है। पहले जो भी मामले आए तो कार्रवाई हुई है। आज भी इस पर ध्यान दिया गया है, मैं नहीं मानता कि कोई घोटाला हुआ है। विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि विधानसभा (Assembly) चुनावों में पीठ में छुरा मारने वालों की पार्टी स्तर पर पहचान की जा चुकी है। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

प्रश्न : विधानसभा चुनाव में भाजपा के मंत्रियों और नेताओं की हार के कारणों की समीक्षा के लिए कमेटियां बनी थीं। क्या उनकी रिपोर्ट आ गई है?
उत्तर: उसके ऊपर हमारी सब लोगों से पर्याप्त चर्चा हुई है। चाहे वह कोर ग्रुप हो या अन्य बड़े नेता हों सबसे इसकी चर्चा हुई है और चुनाव परिणामों के हर पहलू पर खुलकर सब लोगों ने अपने विचार रखे हैं।

प्रश्न : पार्टी में भीतराघात के आरोप लगे थे। क्या भीतराघात करने वालों की शिनाख्त हुई?
उत्तर : सब विषयों पर चर्चा हुई है। चाहे किसी भी विधानसभा या बूथ स्तर पर ऐसी बात आई हो, हर बात का पार्टी ने संज्ञान लिया है।

प्रश्न : भाजपा 100 दिन में 101 काम करने का दावा कर रही जबकि कांग्रेस खींचतान और लूट-खसूट के आरोप लगा रही है, आप क्या कहेंगे?
उत्तर : इन 100 दिन के बारे में सी.एम. ने खुद प्रैस कॉन्फ्रैंस (Press Conference) करके बताया कि उन्होंने किस प्रकार से इन 100 दिनों में 101 से ऊपर काम किए। आरोप लगाने वाले लोग आरोप लगाएंगे। उन लोगों को भी पता है कि न तो 5 साल पहले सरकार के अंदर कोई भ्रष्टाचार करने की हिम्मत कर पाया और न वर्तमान में कोई कर पाएगा। अगर कोई इस प्रकार की गतिविधि के अंदर शामिल पाया जाएगा तो निश्चित रूप से वह बचने वाला नहीं है। विपक्ष के लोग कुछ भी कहें लेकिन सच्चाई में उनके पास एक भी ऐसा मुद्दा सरकार (Government) के खिलाफ नहीं है।

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प्रश्न : भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप है कि सरकार ने जनहित के कोई कार्य नहीं किए, उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा के भी यही आरोप हैं?
उत्तर : अगर ऐसी बात होती तो दूसरी बार जब हम चुनाव में गए तो हमारा मत प्रतिशत बढ़कर नहीं आता। बेशक हमारी 7 सीटें घटी हैं लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा है जिसका मतलब यह है कि जनता के अंदर भाजपा (BJP) और मुख्यमंत्री की स्वीकार्यता बढ़ी है जबकि कांग्रेस का वजूद हरियाणा (Haryana) में ही नहीं बल्कि पूरे देश में कम हो रहा है इसलिए हड़बड़ाहट में इस प्रकार की बयानबाजी की जा रही है।

प्रश्न : एन.सी.आर.बी. के आंकड़ों में हरियाणा ड्रग्स के मामले में पंजाब से भी आगे निकल गया है, विपक्ष का भी यही आरोप है। आप क्या कहेंगे?
उत्तर : विपक्ष को एक सजगता के साथ काम करना चाहिए। यह अच्छी बात है लेकिन विपक्ष को इस बात का भी विश्लेषण करना चाहिए कि अगर कहीं आपराधिक घटना या कोई नशे में लिप्त व्यक्ति पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होती है। नशे के खिलाफ तो पुलिस प्रशासन ने सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक अभियान भी चलाए हैं जिसके अच्छे परिणाम निकलकर आए हैं। पुलिस की सजगता से ही इस प्रकार के काम में लिप्त लोगों को पकड़ा गया और उन्हें कड़ी सजा हो इसके लिए काम किया गया।

प्रश्न :  बलराज कुंडू मनीष ग्रोवर के पूरे परिवार पर आरोप लगा रहे हैं। ग्रोवर पर आरोपों के चलते सरकार की छवि पर भी उंगली उठ रही है, क्या कहेंगे?
उत्तर : अगर कहीं कोई दोषी हो और सरकार उसके मामले को दबाए या कार्रवाई न करे तो सरकार की छवि पर फर्क पड़ता है लेकिन जब मुख्यमंत्री ने जांच एजैंसी ही गठित कर दी है तो सब कुछ अपने आप साफ हो जाएगा और जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी लेकिन मैं नहीं समझता कि इस प्रकार के आरोपों में कोई सच्चाई है।

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प्रश्न : महम से विधायक बलराज कुंडू ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं व एस.आई.टी. का भी गठन हुआ है, इस संबंध में आपका क्या मानना है?
उत्तर : कोई भी चुना हुआ नुमाइंदा या राजनीतिक व सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्ति हो प्रदेश का किस प्रकार से विकास हो उसको अपनी भूमिका निभानी चाहिए। अगर कहीं कोई भ्रष्टाचार सामने आता है तो उसको संज्ञान में लाना चाहिए लेकिन मैं यह जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि पहले 5 साल में भी हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया और न ही भविष्य में होगा। जहां तक हमारे पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की बात है मैं नहीं समझता कि उनकी ओर से ऐसी कोई अनियमितता हुई होगी।

प्रश्न : हरियाणा में धान घोटाला हुआ है। इस प्रकार के घोटालों पर नियंत्रण के लिए आपके क्या सुझाव हैं?
उत्तर : इन विषयों पर हमारा लगातार विचारों का आदान-प्रदान होता रहता है। कोई इस प्रकार की बात आती है तो मुख्यमंत्री (CM) व संबंधित मंत्री के संज्ञान में बात लाई जाती है। अगर घपले की बात सामने आती है तो मुख्यमंत्री तुरंत एक्शन लेते हैं और पूरी सरकार का हर समय प्रयास रहता है कि पूरे सिस्टम को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाए। धान के मामले में भी अधिकारियों की टीम भेजकर फिजीकल वैरीफिकेशन तक हुई है। इस बात का प्रयास किया गया कि न तो भ्रष्टाचार हो और न ही बेवजह किसी व्यापारी का उत्पीडऩ हो। जांच के बाद जो भी बात इस मामले में सामने आएगी उस पर निश्चित रूप से एक्शन होगा।

प्रश्न : जजपा के एक विधायक सवाल उठा रहे हैं कि उनकी अपने हलके में नहीं चलती, आप क्या कहेंगे?
उत्तर : मैं नहीं समझता कि इस प्रकार की बातें नहीं आनी चाहिएं लेकिन इन बातों का कोई आधार जरूर होना चाहिए। भाजपा का काम करने का अपना तरीका है और हमारे साथी गठबन्धन दल का काम करने का भी अपना तरीका है। साफ-सुथरे और खुले स्तर पर काम करके आगे बढ़ा जा रहा है। इसमें कहीं कोई बात किसी के मन में है तो मैं यही कहंूगा कि कुछ चीजें एकदम से ठीक नहीं होतीं बल्कि धीरे-धीरे करके सारी चीजें ठीक होती हैं।

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प्रश्न : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की चयन प्रक्रिया भी नजदीक है। क्या आप इसके पुन: दावेदार हैं?
उत्तर : भाजपा में कार्यकत्र्ता के नाते काम करने की तो दावेदारी होती है लेकिन पद के लिए दावेदारी नहीं होती। इसमें पार्टी का अपना तौर-तरीका है। उसी के आधार पर पार्टी पदाधिकारी का चयन होता है और उसी के तहत ही प्रदेशाध्यक्ष का भी चयन होगा।     

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