Thursday, May 13, 2021
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तृणमूल कांग्रेस का शुभेंदु अधिकारी पर हमला, भाई को नगरपालिका के प्रशासक बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाया

  • Updated on 12/30/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बीजेपी (BJP) नेता एवं पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu officer) के भाई सौमेंदु को पूर्व मेदिनीपुर जिले में कांठी नगरपालिका के प्रशासक बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। सौमेंदु अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के हालिया राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए थे।

पार्टी के कुछ नेताओं का आरोप है कि पिछले दो महीने से वह अपने भाई के जनसंपर्क कार्यक्रमों में मदद कर रहे थे। उनके एक अन्य भाई एवं तृणमूल सांसद दिव्येंदु अधिकारी ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित बताया है। तामलुक से सांसद दिव्येंदु अधिकारी ने कहा कि वह पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) के वफादार कार्यकर्ता बने रहेंगे और मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के सामने यह मुद्दा उठाएंगे।   

 

नगरपालिका भवन में है सांसद का कार्यालय
उन्होंने कहा, वह मेरी नेता हैं। मुझे उन पर पूरा भरोसा है। सांसद ने कहा कि वह कांठी नगरपालिका भवन से अब काम नहीं करेंगे। नगरपालिका भवन में सांसद का कार्यालय है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ है जब शुभेंदु अधिकारी ने कहा था, मेरे परिवार में कमल खिलेगा। उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु तृणमूल सांसद हैं। राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी 19 दिसंबर को मेदिनीपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में नौ विधायकों और एक सांसद के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। 

 

भाजपा के दफ्तर जा रहे कार्यकर्ताओं पर हमला
दरअसल पिछले हफ्ते ही पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा जब वह यहां भाजपा के एक कार्यालय जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना उस समय घटी जब मंडल हैस्टिंग्स में भाजपा के दफ्तर जा रहे थे।

भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाग ले रहे कुछ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी कार रोकी। वे उन्हें दफ्तर जाने से रोकने के लिए सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मंडल की कार पर पत्थर भी चलाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली जिसके बाद मंडल को की कार वहां से निकल सकी।

 

दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश
मंडल ने कहा, 'इससे तृणमूल का असली रंग सामने आ गया। वे किसी भी लोकतांत्रिक नियम को नहीं मानते। जन प्रतिनिधि से क्या इस तरह का बर्ताव किया जाता है?' शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल के पांच विधायकों के साथ मंडल 19 दिसंबर को भाजपा में शामिल हुए थे। तृणमूल ने इस घटना को दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश बताया। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'यह दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश था और विरोध प्रदर्शन अकस्मात शुरू हुआ।

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