Monday, Nov 29, 2021
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Sukhbir Badal''s request to PM said farmers should be called for talks without wasting time

सुखबीर बादल का पीएम से आग्रह, कहा- बिना समय गंवाए किसानों को वार्ता के लिए बुलाया जाए

  • Updated on 9/28/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि वे आंदालनकारी किसानों को वार्ता के लिए बुलाएं। उन्होंने कहा कि तीन ‘काले’ कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जाए। एक दिन पहले ही संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसानों ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर भारत बंद का आयोजन किया था। यह मोर्चा 40 किसान संगठनों का संघ है। बादल ने मोदी से अनुरोध किया कि कृषि के तीन ‘काले कानूनों’ को रद्द करने के लिए बिना किसी पूर्व शर्त के वह किसानों को वार्ता के लिए बुलाएं और इस मामले में तत्काल, प्रभावी रूप से एवं व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें।

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संसद का विशेष सत्र भी बुलाएं
शांतिपूर्ण बंद की ‘पूर्ण सफलता’ के लिए देश के किसानों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों को बधाई देते हुए, बादल ने कहा कि इससे सरकार को यह दिख जाना चाहिए कि पूरे देश के लोग अपने 'अन्नदाता' के साथ मजबूती से खड़े हैं। यहां जारी एक वक्तव्य में बादल ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि कृषि विपणन संबंधी उन तीन कानूनों को रद्द करने के लिए वह संसद का विशेष सत्र भी बुलाएं जिनके कारण देश ‘गतिरोध’ की इस स्थिति में पहुंचा है। बादल ने कहा, अगर सरकार ने इस मुद्दे पर शिअद की सलाह पर ध्यान दिया होता, जब पार्टी ने न केवल संसद में विधेयकों के खिलाफ मतदान किया, बल्कि मंत्रिमंडल भी छोड़ दिया और इन तीन कानूनों के विरोध में शिअद-भाजपा गठबंधन को तोड़ दिया, तो आज की स्थिति अलग होती।

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आखिरी वार्ता 22 जनवरी को हुई
उन्होंने कहा, ‘‘पहले कदम के रूप में, सरकार को बिना किसी पूर्व शर्त के और बिना समय गंवाए किसान संगठनों को बातचीत के लिए आमंत्रित करना चाहिए।’’ सरकार और किसान संघों के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हुई है, गतिरोध को खत्म करने और किसानों के प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए आखिरी वार्ता 22 जनवरी को हुई थी। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रेली के दौरान हिंसा होने के बाद से वार्ता बहाल नहीं हुई।

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