Thursday, Aug 11, 2022
-->
sundar-pichai-big-responsibility-became-ceo-of-google-parent-company-alphabet

सुंदर पिचाई को मिली बड़ी जिम्मेदारी, गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट के CEO बने

  • Updated on 12/4/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गूगल (Google) के भारतीय-अमेरिकी मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) अब इसकी पैरेंट कंपनी (Parent company) अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ का कार्यभार संभालेंगे और इसी के साथ वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली कॉरपोरेट नेताओं में से एक बन गए हैं।

सुंदर पिचाई ने चीन में Google को फिर से शुरु करने से किया इनकार

लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन ने CEO पद छोड़ा
गूगल के सह संस्थापकों लैरी पेज (Larry Page) और सर्गे ब्रिन (Sergey Brin) ने अल्फाबेट की नेतृत्व की भूमिका से हटने की घोषणा की है। पेज और ब्रिन ने सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) की कंपनी में बड़े बदलाव की घोषणा अपने कर्मचारियों को लिखे पत्र में की जिसमें पिचाई का बयान भी शामिल है। अपने बयान में पिचाई ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव से अल्फाबेट की संरचना या उसके काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने लिखा, "मैं गूगल पर अपना ध्यान केंद्रित करता रहूंगा और साथ ही कम्प्यूटिंग के दायरे को बढ़ाने और गूगल को हर किसी के लिए अधिक मददगार बनाने के अपने काम को करता रहूंगा।"

आखिर भारत में GST लागू होने का गूगल के CEO क्यों कर रहे हैं बेसब्री से इंतजार?

पेज और ब्रिन ने पिचाई के नेतृत्व की तारीफ की
उन्होंने अपने ईमेल में कहा, "साथ ही मैं अल्फाबेट और प्रौद्योगिक के जरिए बड़ी चुनौतियों से निपटने के उसके दीर्घकालिक उद्देश्य को लेकर उत्साहित हूं।" गूगल का सीईओ बनाए जाने के बाद से लेकर अब तक पिचाई के नेतृत्व की तारीफ करते हुए पेज और ब्रिन ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी सीईओ हर दिन अपने उपभोक्ताओं, साझेदारों और कर्मचारियों के लिए प्रौद्योगिकी के प्रति गहरा जुनून पैदा करते हैं।  

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का नया करनामा, हर महीने मिली एक अरब से ज्यादा सैलरी

गूगल-अल्फाबेट दोनों के सीईओ होंगे सुंदर पिचाई
पेज और ब्रिन ने कहा, "जब हम सोचते हैं कि कंपनी को चलाने का बेहतर तरीका है तो हम कभी भी अपने आप को प्रबंधन की भूमिका से बांध कर नहीं रखते। अल्फाबेट और गूगल को दो सीईओ और अध्यक्ष की जरूरत नहीं है। सुंदर गूगल और अल्फाबेट दोनों के सीईओ होंगे। उनके पास कार्यकारी जिम्मेदारी होगी।" उन्होंने कहा, "सुंदर ने अल्फाबेट की स्थापना के वक्त, गूगल के सीईओ रहते हुए और अल्फाबेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य के नाते 15 वर्ष तक हमारे साथ निकटता से काम किया है। अल्फाबेट की स्थापना के बाद से अब तक हमने किसी और पर इतना भरोसा नहीं किया और उनके अलावा गूगल और अल्फाबेट का भविष्य में कोई इतने अच्छे तरीके से नेतृत्व नहीं कर सकता।"

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.