Tuesday, Jul 23, 2019

सुप्रीम कोर्ट ने अवकाशपीठ से आदेश प्राप्त करने पर जताई नाखुशी 

  • Updated on 7/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस मामले को ‘‘बहुत गंभीर’’ करार दिया, जिसमें तथ्यों को छिपाकर अवकाश पीठ से दिल्ली में नगर निकाय के लिए डीजल वाहनों के पंजीकरण के संबंध में आदेश हासिल किया गया।

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न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि यह ‘‘उचित नहीं’’ है कि इस तथ्य के बावजूद अवकाश पीठ के सामने सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया गया कि अदालत ने सात मई को आदेश पारित करके कहा था कि वह जुलाई में इस पर सुनवाई करेगी। 

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पीठ ने अतिरिक्त सालीसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा, ‘‘क्या आपने सात मई का आदेश देखा? इसके बावजूद (अवकाशपीठ के सामने) मामला सुनवाई के लिए रखा गया।’’ जब पिंकी आनंद ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है तो पीठ ने कहा, ‘‘आप नहीं बल्कि संस्थान को दिक्कत होती है। एक पीठ इस मामले से निपट रही है। इस पीठ ने कहा कि इस मामले में जुलाई में सुनवाई होगी और इसके बावजूद यह किया गया।’’     

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पीठ ने कहा, ‘‘यह बहुत गंभीर है। यह उचित नहीं है। अब मामले में क्या बचा है। आप वाहनों का पंजीकरण चाहते थे और आपको राहत मिल गई। अब इस मामले में आदेश वापस लेने के सिवाय क्या बचा है।’’ अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई 15 जुलाई को होगी।

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