Saturday, Jan 28, 2023
-->
supreme-court-asked-how-long-can-the-middleman-michel-be-kept-in-custody

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा - बिचौलिए मिशेल को कब तक हिरासत में रखा जा सकता है?

  • Updated on 12/6/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स के विदेशी नागरिक होने के कारण उसे कितने समय तक हिरासत में रखा जा सकता है और क्या उसका भारतीय न होना उसे स्वतंत्रता से "पूरी तरह वंचित करने" को सही ठहराता है। जेम्स ब्रिटेन का नागरिक है और उसे 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिंह की पीठ ने कहा कि आमतौर पर, यदि आरोपी भारतीय नागरिक होता, तो अदालत उसे जमानत देने के लिए तैयार होती, खासकर अगर उसने उन अपराधों के लिए हिरासत में चार साल से अधिक समय बिताया होता जिनमें अधिकतम सजा पांच साल है।

पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू से कहा, ‘‘केवल इसलिए कि वह एक विदेशी नागरिक है, हम उसे कितने समय तक रख सकते हैं? क्या यह उसे स्वतंत्रता से पूरी तरह वंचित करने को न्यायोचित ठहरा सकता है? अगर वह भारतीय नागरिक होता तो अदालत उसे जमानत देने को तैयार होती।''

राजू ने कहा कि भादंसं की धारा 467, जिसके तहत आरोपी पर आरोप लगाया गया है, एक जुड़ा हुआ अपराध है और यह आरोपपत्र में है जो अब मुकदमे का विषय है। पीठ ने कहा कि अदालत के लिए जो चिंता की बात है वह मुकदमे की जटिलता है क्योंकि मामले में 250 से अधिक गवाह हैं और सह-आरोपी सरकारी अधिकारियों को अभियोजन की मंजूरी के अभाव में जमानत दे दी गई है।

शीर्ष अदालत ने दो दिसंबर को कहा था कि वह अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में जेम्स की जमानत याचिकाओं पर छह दिसंबर को सुनवाई करेगी जिसमें सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले मई में शीर्ष अदालत ने जेम्स द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर सीबीआई और ईडी से जवाब मांगा था। 3,600 करोड़ रुपये का कथित घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है। 

अदालत ने रतुल पुरी को विदेश जाने की अनुमति दी 
दिल्ली की एक अदालत ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में आरोपी रतुल पुरी को मंगलवार को विदेश जाने की अनुमति दे दी। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की यह दलील कि आरोपी भाग सकता है और जांच प्रभावित कर सकता है, में ‘‘कोई दम नहीं'' है। उन्होंने कहा कि पुरी ने दिसंबर 2019 में जमानत के वक्त उन पर लगायी गयी शर्तों का पालन किया है और वह नियमित रूप से अदालत में पेश होते रहे हैं। न्यायाधीश ने पुरी को 21 दिसंबर 2022 से पांच जनवरी 2023 तक कारोबारी बैठकों में भाग लेने के लिए एम्सटर्डम, नीदरलैंड, ग्रेनोबल और फ्रांस की यात्रा करने की अनुमति देते हुए कहा, ‘‘बल्कि ईडी का मामला मुख्य रूप से दस्तावेजी प्रमाण पर आधारित है।'' 

अदालत ने पुरी को विदेश जाने से पहले उनके यात्रा कार्यक्रम की जानकारियां और ठहरने का पता देने का निर्देश दिया। अदालत ने आरोपी को अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ईडी को बताने का निर्देश दिया। पुरी को 25 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गयी थी। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता/आरोपी सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी भी तरीके से किसी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश करेगा और उसे दी गयी अनुमति का नियमों के विपरीत इस्तेमाल नहीं करेगा।'' इटली स्थित फिनमेकेनिका की ब्रिटिश सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने में कथित अनियमितताओं के बाद धन शोधन का मामला दर्ज किया गया था। पुरी पर 3,600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वत से फायदा उठाने का आरोप है। भारत ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर 2014 में यह सौदा रद्द कर दिया था।


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.