Tuesday, Jul 05, 2022
-->
supreme-court-collegium-recommended-transfer-of-6-high-court-judges

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने की हाई कोर्ट के 6 न्यायाधीशों के ट्रांसफर की सिफारिश 

  • Updated on 5/27/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने उच्च न्यायालय के छह न्यायाधीशों के स्थानांतरण की अनुशंसा की है। उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के स्थानांतरण / प्रत्यावर्तन / पदोन्नति से संबंधित उच्चतम न्यायालय के तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने यह अनुशंसा की है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण, न्यायमूर्ति यू.यू. ललित व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर शामिल हैं। 

भगोड़ा आरोपी अदालत से किसी रियायत या माफी का हकदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट 

जिन न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया गया है, उनमें न्यायमूर्ति पी.के. गौरव और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला शामिल हैं। न्यायमूर्ति गौरव का मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय जबकि न्यायमूर्ति अमानुल्ला का आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय से पटना उच्च न्यायालय स्थानांतरण किया गया है। 

अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘‘पृथ्वीराज’’ देखेंगे अमित शाह

शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए कॉलेजियम के फैसले में कहा गया है कि न्यायमूर्ति चित्तरंजन दास को उड़ीसा उच्च न्यायालय से कलकत्ता उच्च न्यायालय जबकि न्यायमूर्ति शुभाषीश तालापात्रा को त्रिपुरा उच्च न्यायालय से उड़ीसा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। न्यायमूर्ति लानुसुंगकुम जमीर को मणिपुर उच्च न्यायालय से गुवाहाटी उच्च न्यायालय जबकि न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय से बंबई उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया गया है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया से जवाब मांगा
उच्चतम न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को एक अवमानना याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने पिछले साल सात दिसंबर को बीसीआई को निर्देश दिया था कि वह राज्यों की बार काउंसिल को अधिवक्ता अधिनियम की धारा 35 के तहत वकीलों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों को एक साल के भीतर निपटाने के लिए निर्देश जारी करे। याचिका में वकीलों के खिलाफ शिकायतों पर फैसला करने संबंधी अदालत के आदेश की अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया है। 

सोयाबीन, सूरजमुखी तेल के शुल्क-मुक्त आयात की इजाजत, चीनी के निर्यात पर पाबंदी

न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी.वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि केवल परिपत्र जारी करना या सूचना भेजना पर्याप्त नहीं है। पीठ ने कहा, 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया को यह देखने की आवश्यकता है कि सभी राज्य बार काउंसिल द्वारा इस न्यायालय के निर्देशों का सही मायने में और पूरी तरह से अनुपालन किया जा रहा है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘हमारे निर्देशों के अनुपालन के बारे में बीसीआई विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे। रिपोर्ट 14 जुलाई को या इससे पहले दाखिल की जानी चाहिये।‘‘ अधिवक्ता राधिका गौतम ने कहा कि न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के बाद बीसीआई ने 27 दिसंबर, 2021 को सभी राज्यों की बार काउंसिल को एक परिपत्र जारी किया था। 

 

 

comments

.
.
.
.
.