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पूर्व इंजीनियर यादव सिंह की जमानत याचिका पर SC का हाई कोर्ट को निर्देश

  • Updated on 7/8/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में नोएडा के पूर्व इंजीनियर यादव सिंह की जमानत याचिका पर आज ही निर्णय लिया जाए। यादव सिंह 11 फरवरी, 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं।

जस्टिस आर एफ नरिमन, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान कहा, ‘‘इस आदेश में ही कहा गया है कि याचिका पर आज ही विचार करके इसका निस्तारण किया जाये। हम उच्च न्यायालय से अनुरोध करते हैं कि इस मामले पर आज ही विचार करके इसका निस्तारण कर दिया जाये।’’ 

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उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में इस मामले को आठ जुलाई के लिये सूचीबद्ध किया था। पीठ ने इसके साथ ही इस मामले को आगे सुनवाई के लिए 10 जुलाई को सूचीबद्ध कर दिया। नोएडा के पूर्व मुख्य रखरखाव अभियंता यादव सिंह को सीबीआई ने उनके खिलाफ 17 जनवरी 2018 को दर्ज भ्रष्टाचार के तीसरे मामले में गिरफ्तार किया था और वह 11 फरवरी, 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं। 

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यादव सिंह के पुत्र सनी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि यादव सिंह को गलत तरीके से हिरासत में रखा जा रहा है क्योंकि दंड प्रकिया संहिता की धारा 167(2) के तहत सिर्फ 60 दिन की न्यायिक हिरासत की ही इजाजत है और यह अवधि 10 अप्रैल, 2020 को समाप्त हो गयी है। 

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बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका मे यह दलील दी गयी थी कि सीबीआई 60 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में विफल रही है लेकिन इस तर्क को निचली अदालत ने अस्वीकार कर दिया था। हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने छह मई को यादव सिंह की रिहाई के लिये दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी थी क्योंकि इसे वापस ले लिया गया था। 

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पीठ ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट में नए सिरे से याचिका दायर करने की छूट दे दी थी। इससे पहले, सीबीआई ने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठाया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर जमानत याचिका पर अदालत ने 2 जून को सीबीआइ को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने 12 जून को इस मामले में अपना जवाब दाखिल किया था। उच्च न्यायालय में यह मामला आज के लिये सूचीबद्ध था। 

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