Wednesday, May 12, 2021
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औरंगाबाद हादसा: SC का सुनवाई से इनकार, कहा- कोई ट्रैक पर सो जाए, तो क्या कर सकते हैं?

  • Updated on 5/16/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण देश के दूसरे राज्यों में जहां- तहां फंसे प्रवासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में दुखद खबर आई थी कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद (Aurangabad) में पटरी पर सो रहे प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) को एक मालगाड़ी ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 16 श्रमिकों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए थे। अब खबर है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने औरंगाबाद हादसे में मारे गए मजदूरों के मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। 

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 'अगर मजदूर रेल की पटरियों पर सो जाएं, तो कोई इसे कैसे रोक सकता है?' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब राज्य सरकार की तरफ से प्रवासियों के घर लौटने की हर जरूरी व्यवस्था की जा रही है। लेकिन तब भी उन्हें इंतजार नहीं करना है और गुस्से में पैदल ही निकल जाना है तो ऐसे में क्या किया जा सकता है। कोर्ट ने आगे कहा कि राज्य सरकारें केवल मजदूरों और कामगारों से पैदल नहीं चलने की अपील ही कर सकती हैं। जो लोग अपनी बारी का इंतजार किए बिना ही पैदल निकल रहे हैं तो उनपर बल का प्रयोग भी तो नहीं किया जा सकता। 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि जिन लोगों ने सड़कों पर पैदल चलना शुरू कर दिया है उन्हें कैसे रोका जा सकता है? कोर्ट ने इस मामले में दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

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कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि घर लौट रहे प्रवासी मजदूर रेल की पटरी पर सो रहे थे। नींद में होने के कारण उन्हें मालगाड़ी के पटरी पर आने की खबर ही नहीं लगी। इससे पहले की वो संभलते ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। घटना सबुह 06 बजे की बताई जा रही है। मरने वाले सभी मजदूर स्टील की फैक्ट्री में काम करने वाले थे। इस घटन में अब तक 16 मजदूरों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक ये मजदूर अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश लौट रहे थे। वे पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे।

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रात में पटरी पर सो गए थे मजदूर
ये सभी मजदूर अपने घर को लौटने के लिए निकले थे। दरअसल ये औरंगाबाद से अपने गांव को जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए जालना से औरंगाबाद पैदल जा रहे थे। चलते-चलते रात हो गई, जिसके बाद इन्होंने सटाना शिवार पटरी पर ही अपना बिस्तर लगा लिया। सुबह एक मालगाड़ी इस पटरी पर आई और इन मजदूरों को मालगाड़ी आने की भनक तक नहीं लगी। ये सभी मजदूर माल गाड़ी की चपेट में आ गए। 

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5 लोग घायल
इस हादसे में 05 लोग घायल भी हो गए हैं, जिन्हें औरंगाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दक्षिण मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने इस बात की जानकारी दी है। बता दें कि देशव्यापी लॉकडाउन के चलते कई प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हैं। उनके रोजी चली गई है। दो वक्त की रोटी के लिए भी उनको संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में ये मजदूर चाहते हैं कि ये किसी भी प्रकार से अपने घर चले जाएं।  

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