Wednesday, Oct 05, 2022
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सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिया निर्देश, फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं 30 सितंबर से पहले कराएं

  • Updated on 8/28/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को फाईनल ईयर के छात्रों की परीक्षाओं को हरी झण्डी दे दी है। इसके अलावा कोर्ट ने यूजीसी (UGC) की गाइडलाइन (Guideline) को सही ठहराते हुए सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वह अपने फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाओं को 30 सितंबर से पहले कराए, बता दें कोर्ट ने यह फैसला उन याचिकाओं पर दिया है जो चाहती है कि कोरोना की वजह से फाइनल ईयर के छात्रों को बिना परीक्षा ही पास कर दिया जाए। 

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30 सितंबर से पहले कराएं परीक्षा
कोर्ट ने इसके अलावा राज्यों को साफतौर पर कहा है कि कोई राज्य फाइनल ईयर के छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास नहीं कर सकता है। हां अगर राज्य चाहता है तो वह यूजीसी के साथ बातचीत करने अपनी परीक्षाओं को कुछ समय के लिए टाल सकता है मगर राज्य सरकार यूजीसी की अनुमति के बिना छात्रों को प्रमोट (Pramote) नहीं कर सकती। 

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छात्रों ने किया था विरोध
बता दें 6 जुलाई के यूजीसी के फैसले के परीक्षाओं (Examination) को लेकर दिए गए फैसले के खिलाफ देशभर में कई छात्रों ने और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया था। उन्होंने यूजीसी के 30 सितंबर तक फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाओं को कोरोना काल में कराने के लिए विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।  

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18 अगस्त को फैसला किया सुरक्षित
जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 18 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए परीक्षाओं का विरोध करने वाले सभी  लोग और संस्थाओं और राज्य सरकारों को झटका दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता बिना परीक्षा प्रमोट करना सही नहीं है। 

 

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