Tuesday, Aug 04, 2020

Live Updates: Unlock 3- Day 4

Last Updated: Tue Aug 04 2020 03:29 PM

corona virus

Total Cases

1,861,808

Recovered

1,233,582

Deaths

39,044

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA450,196
  • TAMIL NADU263,222
  • ANDHRA PRADESH166,586
  • KARNATAKA139,571
  • NEW DELHI138,482
  • UTTAR PRADESH100,310
  • WEST BENGAL78,232
  • TELANGANA68,946
  • GUJARAT64,684
  • BIHAR59,567
  • RAJASTHAN46,106
  • ASSAM45,276
  • ODISHA37,681
  • HARYANA37,173
  • MADHYA PRADESH34,285
  • KERALA26,873
  • JAMMU & KASHMIR22,006
  • PUNJAB18,527
  • JHARKHAND13,500
  • CHHATTISGARH9,820
  • UTTARAKHAND7,800
  • GOA6,816
  • TRIPURA5,520
  • PUDUCHERRY3,982
  • MANIPUR2,920
  • HIMACHAL PRADESH2,818
  • NAGALAND2,129
  • ARUNACHAL PRADESH1,758
  • LADAKH1,485
  • DADRA AND NAGAR HAVELI1,284
  • CHANDIGARH1,160
  • MEGHALAYA902
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS830
  • DAMAN AND DIU694
  • SIKKIM688
  • MIZORAM502
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
supreme court grant interim bail unitech ltd promoter sanjay chandra rkdsnt

यूनिटेक लिमिटेड के प्रमोटर संजय चन्द्रा को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

  • Updated on 7/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  सुप्रीम कोर्ट ने मकान खरीदारों का धन कथित रूप से हड़पने के आरोप में पिछले 3 साल से तिहाड़ जेल में बंद यूनिटेक लि के प्रवर्तक संजय चन्द्रा को मंगलवार को मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत दे दी क्योंकि उसके माता-पिता दोनों ही कोविड-19 से संक्रमित हैं। जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करते हुये संजय चन्द्रा को उसकी रिहाई की तारीख से 30 दिन के लिये अंतरिम जमानत प्रदान की। 

यूनिवर्सिटी छात्रों ने फाइनल ईयर एग्जाम रद्द नहीं करने के फैसले पर जताई आपत्ति

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘अधिवक्ता को सुनने के बाद हमारी राय है कि आवेदक (चन्द्रा) के माता-पिता दोनों ही कोविड-19 से संक्रमित हैं और दोनों की वृद्धावस्था को देखते हुये मानवीय आधार पर यह अंतरिम जमानत देने का मामला बनता है। यह आदेश इन्हीं तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर दिया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने 17 अप्रैल, 2017 से न्यायिक हिरासत में रह रहे संजय चन्द्रा की अंतरिम अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। चन्द्रा ने अपने माता-पिता के कोविड-19 से संक्रमित होने की वजह से अस्पताल में भर्ती होने के आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था। 

यूपी में बढ़ते अपराध को लेकर प्रियंका का योगी सरकार पर फिर हमला

आवेदनकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि चन्द्रा के माता- पिता वृद्ध हैं और उनके 81 वर्षीय पिता को आईसीयू में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता की 78 वर्षीय मां भी अस्पताल में भर्ती हैं। पीठ ने इस अर्जी का निरस्तारण करते हुये अपने आदेश में कहा, ‘‘तदनुसार , हम आवेदक संजय चन्द्रा को उसकी रिहाई की वास्तविक तारीख से 30 दिन के लिये अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हैं।’’ पीठ ने चन्द्रा को अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने और प्रत्येक रविवार को नजदीकी थाने में हाजरी लगाने का निर्देश दिया। 

चीनी सैनिकों की वापसी के बावजूद भारत जारी रखेगा उच्च स्तर की सतर्कता

पीठ ने कहा कि चन्द्रा निचली अदालत की संतुष्टि के अनुरूप एक लाख रूपए का मुचलका देंगे और 30 दिन की अवधि पूरी होते ही समर्पण करेंगे। न्यायालय ने मकान खरीदारों के करोड़ों रुपये कथित रूप से हड़पने के मामले में पिछले साल जनवरी में संजय और उनके भाई अजय चन्द्रा को जमानत देने से इंकार कर दिया था। न्यायालय ने कहा था कि इन्होंने अभी तक उसके 30 अक्टूबर, 2017 के आदेश का पालन नहीं किया था। इस आदेश के तहत न्यायालय ने यूनिटेक लिमिटेड के इन प्रवर्तकों को 31 दिसंबर, 2017 तक शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में 750 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया था। 

कांग्रेस ने पीएम केयर्स फंड, वेंटीलेटर खरीद में गड़बड़झाले का लगाया आरोप

यह मामला 2015 में दर्ज करायी गयी एक शिकायत से संबंधित था लेकिन बाद में यूनिटेक लिमिटेड की गुरुग्राम में स्थित ‘वाइल्ड फ्लावर कंट्री’ और ‘अंथिया’ परियोजना के 173 अन्य मकान खरीदार शामिल हो गये थे।। शीर्ष अदालत ने इस साल 20 जनवरी को यूनिटेक लिमिटेड के 12 हजार से ज्यादा मकान खरीदने वालों को राहत प्रदान करते हुये केन्द्र सरकार को इस कंपनी का सारा प्रबंध अपने हाथ में लेने और बोर्ड के नये निदेशक नियुक्त करने की अनुमति दे दी थी। 

लॉकडाउन में रद्द उड़ानों के टिकटों की रकम वापसी मामले में मोदी सरकार को नोटिस

शीर्ष अदालत ने नये बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में हरियाणा काडर के पूर्व आईएएस अधिकारी युदवीर सिंह मलिक के नाम को मंजूरी दी थी और निर्देश दिया था कि कंपनी के बोर्ड के मौजूदा निदेशकों को अधिक्रमित माना जाएगा। न्यायालय ने 2018 में यूनिटेक लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के फॉरेन्सिक ऑडिट का आदेश दिया था। इस ऑडिट से पता चला कि यूनिटेक लिमिटेड ने 2006-2014 के दौरान 74 परियोजनाओं के लिये 29,800 मकान खरीदारों से करीब 14,270 करोड़ रुपये प्राप्त किये थे और उसने करीब 1,805 करोड़ रुपये छह वित्तीय संस्थाओं से लिये थे।

 

 

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

comments

.
.
.
.
.