Thursday, Jan 23, 2020
supreme court lawyers protest against caa nrc and npr

Delhi: CAA, NRC और NPR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने किया प्रदर्शन

  • Updated on 1/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देशभर में सीएए (CAA) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन का दौर लगातार जारी है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पहले विपक्षी नेताओं ने मोर्चा संभाला फिर जेएनयू (JNU) के छात्रों ने इस कानून का जमकर विरोध किया जो अबतक जारी है।

इसी क्रम में अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकीलों ने CAA, NRC और NPR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से जंतर मंतर तक मार्च निकाला।

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अगर किसी ने हटाने की कोशिश की तो यहीं पर जान दे देंगे- प्रदर्शनकारी
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगभग एक महीने से जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग पिछले 32 दिनों से कालिंदी कुंज- नोएडा मेन रोड का घेराव करके बैठे हैं। सत्याग्रह पर बैठी महिलाओं का कहना है कि जब तक सरकार इस विवादास्पद संशोधन को वापस नहीं लेगी तब तक वह यहां से हिलेंगी भी नहीं। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई जबरदस्ती उन्हें यहां से हटाने की कोशिश करता है तो वह यहीं पर जान दे देंगी। 

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पुलिस ने नोएडा और कालिंदी कुंज की ओर से आवाजाही को किया बंद
दूसरी तरफ अशोक बिधूड़ी के नेतृत्व में सरिता विहार, जसोला विहार समेत आसपास की दर्जनभर कॉलोनियों के लोगों ने साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर का घेराव किया। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार शाम तक अगर सड़क नहीं खुली तो वह दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के सारे रास्ते बंद कर देंगे। बता दें कि शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के कारण दिल्ली पुलिस ने नोएडा और कालिंदी कुंज की ओर से आवाजाही को बंद कर दिया है। कालिंदी कुंज चौक से लेकर क्राउन प्लाजा तक वाहनों के प्रवेश को बंद कर दिया गया है। जिसकी वजह से यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगा रखे हैं जिसके कारण लोगों को रोजमर्रा में काफी पेरशानी हो रही है। वहीं रविवार को पुलिस ने दो दिन में सड़क खाली कराने का आश्वासन दिया था।

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डीसीपी ने जल्द हल निकालने का दिया आश्वासन
बता दें कि स्थानीय थाना प्रभारी ने सोमवार को दिन में शाहीन बाग में प्रदर्शनस्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वह कम से कम सड़क की एक साइड खोल दे जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो। लेकिन लोगों ने उनकी इस अपील को नजरअंदाज कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ कहा कि वे किसी भी सूरत में यह रास्ता खुलने नहीं देंगी। दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने सोमवार शाम को साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर पहुंचकर मंगलवार यानी आज शाम तक सड़क की एक साइड खोलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी से उनके बच्चों के बोर्ड एग्जाम शुरू हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महीने भर से चल रहे प्रदर्शन से उन्हें ही नहीं उनके बच्चों को भी काफी परेशानी हो रहा है। स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए डीसीपी ने स्थानीय नेताओं से बात करके जल्द हल निकालने का आश्वासन दिया है।

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सीएए को लेकर 22 जनवरी को कोर्ट मे सुनवाई
एक स्थानीय महिला कनीज फातिमा ने इलाके में हो रहे प्रदर्शन को लेकर बताया कि राज्य और केंद्र सरकार का एक भी नेता यहां का जायजा लेने नहीं आया। वहीं विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उन्हें अपना समर्थन दिया है। सीएए को रद्द करने के लिए आगामी 22 जनवरी को कोर्ट में दाखिल याचिका की सुनवाई होनी है। कोर्ट के फैसले के बाद ही आंदोलन के विषय में नए तरीके से फैसला लिया जाएगा।

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