Thursday, Feb 27, 2020
supreme court notice to lalu yadav rjd on petition against bail in fodder scam case

चारा घोटाला मामले में जमानत के खिलाफ याचिका पर लालू यादव को नोटिस

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने चारा घोटाले (fodder scam case) से संबंधित एक मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) को जमानत देने के झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर शुक्रवार को उन्हें नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूॢत बीआर गवई और न्यायमूॢत सूर्यकांत की पीठ ने सीबीआई की याचिका पर प्रसाद से जवाब मांगा है। जांच एजेन्सी ने उच्च न्यायालय के 12 जुलाई, 2019 के आदेश को चुनौती दी है। 

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उच्च न्यायालय ने दिया था जमानत पर रिहा करने का आदेश 
जांच एजेन्सी ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने लालू यादव को दोषी ठहराने और उन्हें सजा देने के निचली अदालत के फैसले को निलंबित रखने और उनको जमानत पर रिहा करने का आदेश देकर त्रुटि की है। उच्च न्यायालय ने देवघर कोषागार से 89.27 लाख रुपए की रकम धोखे से निकाले जाने के मामले में उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा था कि वह अपनी साढ़े तीन साल की सजा की आधी अवधि जेल में बिता चुके हैं। 

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प्रसाद को झारखंड में चारा घोटाले से संबंधित चार मामलों में सजा हो चुकी है। ये मामले देवघर, दुमका और चाईबासा के कोषागार से छल से धन निकालने से संबंधित हैं। राजद सुप्रीमो को चाईबासा कोषागार से छल से धन निकालने के दो मामलों में सजा हो चुकी है। राजद सुप्रीमो को देवघर कोषागार मामले के अलावा चाईबासा के एक मामले में जमानत मिल चुकी है। 

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लालू प्रसाद चारा घोटाले के पांचवें मामले में डोरांडा कोषागार से छल से धन निकालने के प्रकरण में भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। वह दिसम्बर, 2017 से जेल में हैं। जांच एजेन्सी ने अपनी अपील में कहा है कि जहां तक प्रसाद की सेहत का सवाल है तो यह सिर्फ अदालत को गुमराह करने का तरीका है। 

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