Saturday, May 15, 2021
-->
supreme-court-said-we-respect-women-most-amidst-criticism-rkdsnt

आलोचनाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा - हम महिलाओं का करते हैं सर्वाधिक सम्मान

  • Updated on 3/8/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई में उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने 14 वर्षीय गर्भवती बलात्कार पीड़िता को गर्भपात की मंजूरी देने संबंधी याचिका की सुनवाई करते हुए सोमवार को टिप्पणी की कि न्यायालय महिलाओं का सर्वाधिक सम्मान करता है। पीठ ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा उसके वकीलों एवं ‘बार’ के हाथों में है। पीठ ने 14 वर्षीय गर्भवती बलात्कार पीड़िता की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें याचिकाकर्ता ने करीब 26 सप्ताह के गर्भ समापन की अनुमति मांगी है। 

बलात्कार मामले की सुनवाई में टिप्पणी को लेकर वृंदा करात ने CJI बोबडे को लिखा पत्र

प्रधान न्यायाधीश के साथ ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर पीठ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब न्यायालय की उस हालिया टिप्पणी को लेकर उसकी आलोचना हुई, जिसमें उसने एक अन्य मामले में बलात्कार के आरोपी से पूछा था कि क्या वह पीड़िता से विवाह करना चाहता है। इस घटना की पीड़िता से जब बलात्कार हुआ था, उस समय वह नाबालिग थी। 

भाजपा में शामिल होते ही मिथुन चक्रवर्ती ने दिखाए तेवर, बोले- मैं एक कोबरा हूं...

माकपा पोलितब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने प्रधान न्यायाधीश को इस संबंध में पत्र लिखकर उनसे अपनी यह टिप्पणी वापस लेने को कहा था। न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर एक मार्च को सुनवाई करते हुए कथित रूप से यह टिप्पणी की थी। कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, नागरिकों, बुद्धिजीवियों, लेखकों और कलाकारों ने भी प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की थी कि वह माफी मांगे और इन टिप्पणियों को वापस लें। 

मनमोहन सिंह ने बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार की गिनाईं खामियां 

पहले यह कहा था कि आरोपी से पीड़िता के साथ विवाह करने के बारे में पूछने संबंधी शीर्ष अदालत की टिप्पणी ‘न्यायिक रिकॉर्ड’ पर आधारित थी, जिनमें व्यक्ति ने अपने हलफनामे में कहा था कि वह अपनी रिश्तेदार और नाबालिग पीड़िता के 18 वर्ष का हो जाने के बाद उससे विवाह करेगा। पीठ ने इस मामले का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा, ‘‘हमें याद नहीं कि वैवाहिक बलात्कार का कोई मामला हमारे सामने आया हो... हम महिलाओं का सर्वाधिक सम्मान करते हैं।’’ शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हमारी प्रतिष्ठा हमेशा बार के हाथों में होती है।’’ 

अंबानी के आवास के बाहर पाई गई कार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया 

मामले में दलीलें देने पेश हुए वकीलों ने भी इस बात का समर्थन किया। सोमवार के लिए सूचीबद्ध मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील वी के बीजू ने कहा कि लोगों का एक वर्ग संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और इससे निपटने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता है। भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने न्यायालय का समर्थन करते हुए कहा कि कार्यकर्ता सर्वोच्च न्यायपालिका को बदनाम’’ न करें और उसकी कार्यवाहियों का इस्तेमाल च्च्राजनीतिक फायदे’’ के लिये न करें। 

मध्य प्रदेश में 14 मार्च को यात्रा निकालकर गोडसे से जुड़े तथ्यों का प्रचार करेगी हिंदू महासभा 

पीठ ने एक मार्च को आरोपी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी। महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड में कार्यरत आरोपी ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बंबई उच्च न्यायालय के पांच फरवरी के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ में जस्टिस बोबडे, जस्टिस बोपन्ना और जस्टिस रामसुब्रमण्यन भी शामिल थे। 

तापसी पन्नू ने आयकर विभाग के छापे पर तोड़ी चुप्पी, निशाने पर सीतारमण

पीठ ने आरोपी से पूछा था, ‘‘क्या तुम उससे (पीड़िता) से विवाह करने के इच्छुक हो । अगर उसके साथ तुम्हारी विवाह करने की इच्छा है तो हम इस पर विचार कर सकते हैं, नहीं तो तुम्हें जेल जाना होगा ।’’      पीठ ने आरोपी से यह भी कहा, ‘‘हम तुम पर विवाह करने का दबाब नहीं बना रहे हैं।’’ इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुये अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी पीड़िता के साथ शुरूआत में विवाह करने का इच्छुक था लेकिन लड़की ने इनकार कर दिया था और अब उसकी शादी किसी और से हो गयी है । 

 

 

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.