Friday, Jul 10, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 9

Last Updated: Thu Jul 09 2020 10:21 PM

corona virus

Total Cases

791,559

Recovered

494,186

Deaths

21,598

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA230,599
  • TAMIL NADU114,978
  • NEW DELHI107,051
  • GUJARAT39,280
  • UTTAR PRADESH31,156
  • TELANGANA25,733
  • KARNATAKA25,317
  • ANDHRA PRADESH23,814
  • RAJASTHAN23,814
  • WEST BENGAL22,987
  • HARYANA19,004
  • MADHYA PRADESH15,284
  • BIHAR13,274
  • ASSAM11,737
  • ODISHA10,624
  • JAMMU & KASHMIR8,675
  • PUNJAB6,491
  • KERALA5,623
  • CHHATTISGARH3,305
  • UTTARAKHAND3,161
  • JHARKHAND2,854
  • GOA1,813
  • TRIPURA1,580
  • MANIPUR1,390
  • HIMACHAL PRADESH1,077
  • PUDUCHERRY1,011
  • LADAKH1,005
  • NAGALAND625
  • CHANDIGARH490
  • DADRA AND NAGAR HAVELI373
  • ARUNACHAL PRADESH270
  • DAMAN AND DIU207
  • MIZORAM197
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS141
  • SIKKIM125
  • MEGHALAYA88
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
supreme court says blocking public roads by shaheen bagh caa protests not good

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन निर्धारित स्थान पर हो

  • Updated on 2/10/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के शाहीनबाग (Shaheen bagh) में पिछले साल 15 दिसंबर से नागरिकता संशोधन कानून (CAA ) का विरोध कर रहे लोग सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर दूसरों के लिए असुविधा पैदा नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने कहा कि लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन आन्दोलन के लिये निर्धारित स्थान पर ही यह करना होगा और सार्वजनिक सड़क या पार्क में ऐसा नहीं किया जा सकता। 

उमर अब्दुल्ला की #PSA के तहत नजरबंदी को उनकी बहन ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने शाहीनबाग से इन प्रदर्शनकारियों को हटाने और कालिन्दी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर सुचारू ढंग से यातायात सुनिश्चित करने के लिए दायर याचिकाओं पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केन्द्र, दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटस जारी किए। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने जब न्यायालय से इस मामले में कुछ अंतरिम निर्देश देने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, ‘‘ एकपक्षीय ऐसा नहीं किया जा सकता। हम दूसरे पक्ष को भी सुनेंगे।’’ 

दिल्ली चुनाव: मुस्लिम मतदाताओं ने कांग्रेस की बजाय AAP पर किया भरोसा!

शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी के लिये निर्धारित कर दी। सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘आप सार्वजनिक सड़कें अवरुद्ध नहीं कर सकते। इस तरह के क्षेत्र में अनिश्चितकाल के लिए विरोध प्रदर्शन नहीं हो सकता। यदि आप विरोध करना चाहते हैं, तो ऐसा एक निर्धारित स्थान पर होना चाहिए।’’ पीठ ने कहा, ‘‘एक कानून है और इसे लेकर लोगों की शिकायतें हैं। मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। वे विरोध करने के हकदार हैं।’’  

दिल्ली चुनाव के एग्जिट पोल से हैरान पासवान की LJP ने बिहार चुनावों के लिए कसी कमर

साथ ही पीठ ने कहा, ‘‘ऐसा उस क्षेत्र में होना चाहिए जो विरोध प्रदर्शन के लिये निर्धारित हैं। आप लोगों के लिये असुविधा पैदा नहीं कर सकते।’’ शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि शाहीनबाग में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है लेकिन यह दूसरे लोगों के लिए असुविधा पैदा नहीं कर सकता। पीठ ने सवाल किया, ‘‘क्या आप सार्वजनिक सड़क पर अवरोध पैदा कर सकते हैं? आप इसे अवरूद्ध नहीं कर सकते। मान लीजिए एक सार्वजनिक पार्क है, आप वहां विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते।’’ 

चिदंबरम बोले- अनाड़ी डाक्टरों के हाथ में है अर्थव्यवस्था की कमान, डूबने का खतरा

इससे पहले, सुनवाई शुरू होते ही इस मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक अधिवक्ता अमित साहनी ने कहा कि यह प्रकरण विरोध के अधिकार की सीमा के बारे में है। पीठ ने जानना चाहा, ‘‘क्या सरकार की ओर से कोई मौजूद है। हम इसमें नोटिस जारी करेंगे।’’ मामले में एक अन्य याचिकाकर्ता एवं भाजपा के पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के अधिवक्ता शशांक देव सुधि ने जब शीर्ष अदालत से इस मामले में अंतरिम निर्देश देने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, ‘‘यदि आपने 50 से ज्यादा दिन इंतजार किया है तो कुछ दिन और इंतजार कर लीजिए।’’ अधिवक्ता महमूद प्राचा ने पीठ से कहा कि वह भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद की ओर से इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहते हैं। 

जम्मू कश्मीर : अब नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद के बेटे पर लगा #PSA

पीठ ने कहा, ‘‘ आप जो उचित समझें, करें।’’ शीर्ष अदालत ने सात फरवरी को कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की जायेगी क्योंकि वह आठ फरवरी को होने वाले विधान सभा चुनाव को प्रभावित नहीं करना चाहता। शीर्ष अदालत साहनी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। साहनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कालिन्दी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर यातायात सुचारू बनाने का दिल्ली पुलिस को निर्देश देने के लिये याचिका दायर की थी। 

CJI बोबडे बोले- अनिवार्य मध्यस्थता वाले कानून के लिए यह उचित वक्त

उच्च न्यायालय ने साहनी की याचिका पर सुनवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन से कहा था कि वह कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुये स्थिति से निबटें। नंद किशोर गर्ग ने शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्राधिकारियों को निर्देश देने के लिये अलग से याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने पिछले साल 15 दिसंबर से कालिन्दी कुंज-शाहीन बाग मार्ग अवरूद्ध कर रखा है। इस वजह से लोगों को आने जाने में बहुत असुविधा हो रही है। 

राहुल गांधी बोले- #BJP, #RSS के #DNA में है आरक्षण खत्म करना, हम ऐसा नहीं होने देंगे

गर्ग ने यह भी दलील दी थी कि सरकार का काम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है जिन्हें इस अवरोध के कारण लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।  साहनी ने अपनी अपील में कहा था कि शाहीन बाग के प्रदर्शन ने दो अन्य शहरों में इस तरह के धरना प्रदर्शनों को हवा दी है और इसे जारी रखने की अनुमति से एक गलत परंपरा पड़ेगी। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.