Monday, Aug 08, 2022
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सुप्रीम आदेश: दो हफ्ते में सुपरटेक का ट्विन टावर ढहाने का काम शुरू करने के आदेश

  • Updated on 2/7/2022

नई दिल्ली, टीम डिजीटल/ नोएडा में सुपरटेक को 252 निवेशकों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ रकम वापस लौटानी है। ये रकम करीब 100 करोड़ रुपए के आसपास है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए सुपरटेक को 28 फरवरी तक का समय दिया है। उधर, सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते में ट्विन टावर ढहाने का काम शुरू करने के आदेश दिया है। साथ ही फाइनल प्लान बनाने और तोडफ़ोड़ करने की टाइमलाइन तैयार करने के लिए नोएडा के सीईओ को 72 घंटे में गेल समेत सभी विभागों के अफसरों के साथ मीटिंग करने को कहा है।
सुपरटेक के एडिफिस कंपनी ने ध्वस्तीकरण के लिए एनओसी लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया गया, अब तक 8 विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि 22 जनवरी 2022 से दोनों टावरों को गिराने की प्रक्रिया को लेकर प्राधिकरण के 3 महीने शुरू हो चुके हैं। सुपरटेक बार-बार एनओसी की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपना बयान देता रहा है। प्राधिकरण एनओसी को लेकर सुपरटेक का पूरा सहयोग कर रही है। टावरों को एक्स्प्लोसिव से ध्वस्त किया जाएगा। कार्य योजना के तहत टावर को गिराने में महज 10 सेकेंड का समय लगेगा। ऐसे में एक्स्प्लोसिव खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके गोपनीय स्थान पर रखा जाएगा। साथ ही नियमों को ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए  ज्वाइंट चीफ कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव से एनओसी की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
 

2500 लोगों को फ्लैट करने होंगे खाली
दोनों टावरों को एक्सप्लोसिव से गिराने से पहले एमराल्ड कोर्ट के 15 टावरों में बने 650 फ्लैट में रहने वाले 2500 लोगों को फ्लैट खाली करना होगा।  ऐसे में एडफिस कंपनी एटीएस विलेज के दोनों टावरों का बीमा भी कराने जा रही है। ये बीमा करीब 100 करोड़ का होगा। ध्वस्तीकरण के बाद सुरक्षा और स्ट्रक्चर जांच के बाद सभी लोगों को उनके फ्लैटों में वापस भेज दिया जाएगा। बता दे यहा 16 और 17 नंबर टॉवर को ही ध्वस्त किया जाना है। ले आउट प्लान के तहत इन दोनों टावरों की दूरी अन्य टॉवरों से 9 से 18 मीटर ही है। इमारतों को ध्वस्त करने से पहले हवा का डायरेक्शन काफी महत्वपूर्ण होगा। कोशिश रहेगी कि जब इमारतों को ध्वस्त किया जाए तो हवा का डायरेक्शन अन्य टावरों की तरफ नहीं बल्कि उसके अपोजिट साइड हो। ताकि 15 से 20 मिनट तक बनने वाला हवा का गुबार का असर टावरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर न पड़े। टावरों को एक्सप्लोसिव से गिराया जाएगा।
 

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