Tuesday, Dec 07, 2021
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swapan dasgupta resigns from rajya sabha will now contest elections on a bjp ticket pragnt

बंगाल विस चुनाव: कैंडिडेट बनाए जाने के बाद दासगुप्ता ने रास से दिया इस्तीफा

  • Updated on 3/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी गर्मी गर्मी तेज हो रही है। इस बीच राज्यसभा के मनोनीत सदस्य स्वप्न दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मंगलवार को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

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TMC ने स्वपन दासगुप्ता पर लगाया था आरोप
इससे पहले तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि दासगुप्ता ने भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन किया है। दासगुप्ता अप्रैल, 2016 में राज्यसभा सदस्य बने था और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें तारकेश्वर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया और कहा है कि इसे बुधवार से प्रभावी माना जाए।

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इस्तीफे के बाद दासगुप्ता ने कहा ये
इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर दासगुप्ता ने कहा कि, 'मैंने हमेशा कहा है कि नामांकन पत्र (पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए) दाखिल करने से पहले जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, वे उठाए जाएंगे।' राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल अप्रैल 2022 तक था। तृणमूल सदस्य मोहुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि दासगुप्ता बंगाल चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की 10 वीं अनुसूची के अनुसार, अगर कोई मनोनीत सदस्य शपथ लेने के छह महीने के बाद किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होते हैं तो उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है।

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राज्यसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा
मोइत्रा के अनुसार, 'दासगुप्ता ने अप्रैल 2016 को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली थी... भाजपा में शामिल होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।' इस बीच दासगुप्ता ने एक ट्वीट कर कहा, 'मैंने बेहतर बंगाल की लड़ाई में अपने आप को समर्पित करने के लिए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।'

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चुनाव आयोग का ममता पर जबाव
बता दें कि पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  के साथ हुई घटना पर चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुना दिया है। अलग-अलग रिपोर्टों के आधार पर चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि ममता बनर्जी पर किसी भी प्रकार का कोई हमला नहीं किया गया। इसके सबूत नहीं मिले हैं। ममता के पैर में जो चोट लगी वो महज एक हादसा था। 

चुनाव आयोग को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 10 मार्च को नंदीग्राम में हुए कथित मामले को लेकर बंगाल सरकार की रिपोर्ट शुक्रवार को मिली थी। हालांकि आयोग ने इसे अधूरी करार देते हुए मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय से और विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था।

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