Friday, Dec 06, 2019
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मालीवाल की भूख हड़ताल को खत्म कराने के लिए पहुंची पुलिस, स्वाति ने रखी मांग, दें नई जगह

  • Updated on 12/3/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने देश बढ़ती रेप घटनाओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने के बाद अब शाम को दिल्ली पुलिस ने उन्हें हड़ताल खत्म करने का आदेश दे दिया है। पुलिस का कहना है कि  कानूनी तौर पर जंतर-मंतर पर इस तरह के आंदोलन करने की आज्ञा नहीं हैं।  

बता दें कि पुलिस के अड़े रहने के बाद, स्वाति मालिवाल ने कहा है कि उन्हैं दिल्ली पुलिस अगर सेंट्रल दिल्ली में कोई और जगह दें तो वह इस स्थान को छोड़ देंगी।

दिल्ली महिला आयोग (Delhi women commission) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने मंगलवार को पुलिस पर उन्हें जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया। मालीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बलात्कार के आरोपियों को दोषसिद्धि के छह महीने के अंदर फांसी देने की भी मांग की। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद स्वाति महात्मा गांधी की समाधी, राजघाट जाकर आशीर्वाद लिया। 

मालीवाल को मंगलवार सुबह बलात्कार की हाल की वारदातों के विरोध में भूख हड़ताल शुरू करनी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने वहां अवरोधक लगा दिए और तंबू लगाने की अनुमति नहीं दी। दिल्ली पुलिस ने हालांकि कहा कि उसने प्रदर्शन की मांग ठुकराई नहीं है।

मामले को स्पष्ट करने की मांग करते हुए पुलिस ने कहा कि डीसीडब्ल्यू को पत्र लिख प्रदर्शन का विवरण, परिवहन के साधन, माइक्रोफोन के प्रबंध और इसमें शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या के संबंध में जानकारी मांगी है। साथ ही उस हलफनामे की एक प्रति भी मांगी है जिसे उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार भरा जाना होता है। उन्होंने बताया कि विवरण का इंतजार किया जा रहा है।

इस बीच, मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख बलात्कारियों को दोषसिद्धी के छह महीने के भीतर फांसी देने की मांग की। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा कि कानून का क्रियान्वित आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस बल को बढ़ाने और उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की।      

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स्वाति मालिवाल ने ट्वीट कर कहा, "मोदी जी को पत्र। मैं आमरण अनशन करूँगी जब तक वो अपने वादे पूरा न करते। देश में पुलिस के संसाधन जवाबदेही बढाई जाए औक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएँ। दिल्ली पुलिस को 66,000 पुलिसकर्मी तुरंत दिए जाएँ और 45 फास्ट ट्रैक कोर्ट दिल्ली में स्थापित हो। दोषी को हर हाल में और तुरंत सज़ा दो!"

वह केन्द्र सरकार (Centre government) से मांग करेंगी की वह बलात्कार के दोषियों को 6 माह में सजा दिलाने वाला कानून लाने के आश्वासन के बाद ही अपना अनशन तोड़ेंगी। इसके अलावा उनकी मांग है कि इस मामले में पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाए 
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उन्होंने केंद्र सरकार को सचेत करते हुए ट्वीट कर कहा, "चाहे कुछ हो जाए, पुलिस और केंद्र कितनी भी कोशिश कर ले, मेरा आमरण अनशन हर हाल में जारी रहेगा।जब तक केंद्र पूरे देश के लिए ऐसा सिस्टम नही बनाती की रेपिस्ट को हर हाल में 6 महीने में फाँसी हो, तब तक मैं नही उठूँगी। पहले राजघाट और फिर सीधे जंतर मंतर जा रही हूँ। जय हिंद।"

निर्भया के दोषी ने की दया की अपील
बता दें कि स्वाति मालिवाल ने यह कदम निर्भया के दोषियों को अभी तक सजा न मिलनेे के कारण उठाया है। बता दें कि हाल में निर्भया के रेप के दोषियों में से एक ने राष्ट्रपति (President) से दया याचिका भी मांगी थी। जिसे दिल्ली सरकार ने नामंजूर कर दिया था। इसके अलावा इस समय हैदराबाद के हुई महिला चिकित्सक के रेप और हत्या के बाद भी पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। 

 


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