स्वाइन फ्लू ने दी राजस्थान में दस्तक, 15 दिन में 36 मौतें, ऐसे करें बचाव

  • Updated on 1/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  स्वाइन फ्लू देश में तेजी से दस्तक दे चुका है। राजस्थान में अब तर 15 दिनों में 36 मौते हो चुकी हैं। खबर है कि बीजेपी अध्यक अमित शाह भी स्वाइन फ्लू की जद में आ गए हैं। स्वाइन फ्लू एक खतरनाक बीमारी है जोकि सूअर से फैलती है। ये जुकाम से जुड़ा वायरस है जोकि  H1N1, H1N2, H3N2 और H3N1 के नाम से भी जाना जाता है। इनमें H1N1 सबसे खतरनाक है जो सभी को अपनी चपेट में ले रहा है।

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स्वाइन फ्लू संक्रामक रोग है जो रोगी को छूने, हाथ-मिलाने या सीधे संपर्क में आने से फैलता है। दूसरा ये रोगी की सांस के जरिए भी फैलता है। यह वाइरस पीड़ित व्यक्ति के छींकने, खांसने, ‌हाथ मिलाने और गले मिलने से फैलता है। 

स्वाइन फ्लू से कैसे बचें ?

इस बीमारी से खुद को बचाने के लिए साफ-सफाई का खूब ध्यान रखें। खांसते और छींकते समय टीशू पेपर का इस्तेमाल करें। 

कहीं बाहर से आने पर हाथों को अच्छे से साबुन से साफ करें और एल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर का प्रयोग करें। 

हो सके तो घर से बाहर निकलें तो मास्त पहनकर निकलें। जिन लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे उन्हें मास्क पहनकर रहना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए। 

अगर तेज बुखार, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत हो उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। 

स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए गले और नाक के द्रव्यों का टेस्ट होता है जिससे एच1एन1 वायरस की पहचान की जाती है। ऐसा कोई भी टेस्ट डॉक्टर की सलाह के बाद ही करवाएं।

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कुछ घरेलू उपाय जो बढ़ाएगे रोग प्रतिरोधक क्षमता

हर्बल टी

हाइड्रेटेड रहने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आपके शरीर में मौजूद सारे टॉक्सिन निकल जाते हैं, जो आपको इंफेक्शन से बचाता है। इसके लिए तुलसी, अदरक, ब्रह्मी के साथ तैयार हर्बल ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करेंगे। टी पिएं। क्षमता को बेहतर करेंगे। 

आंवला जूस

शहद के साथ आंवला जूस रिवाइटलाइजिंग एजेंट की तरह काम करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं साथ ही जरूरी माइक्रो न्यूट्रिएंट्स भी। 

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हल्दी

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में हल्दी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल एजेंट की तरह काम करती है और इम्यून सिस्टम के संपूर्ण फंक्शन को बेहतर बनाती है। इसे आप खाने में जरूर इस्तेमाल करें।

काली मिर्च 

यह एक ऐसा मसाला है, जो आपको रसोई में आसानी से मिल जाएगा। ठंड से बचाव में यह काफी प्रभावी ढंग से काम करता है। इसमें भी एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और बुखार को कम करने की क्षमता होती है। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को भी बेहतर करता है।

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