Tuesday, Apr 07, 2020
Tahir Hussain AAP corporator becoming millionaire is very surprising story Delhi violence

दिल्ली हिंसा में आरोपी ताहिर हुसैन की हैरान करने वाली है करोड़पति बनने की कहानी

  • Updated on 2/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या और दिल्ली हिंसा का आरोपी आप पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) दो दशक पहले गरीबी और सौतेली मां से परेशान होकर मजदूरी के लिए दिल्ली पहुंचा था। दिल्ली पहुंचने के बाद फर्नीचर कारीगर के यहां सहायक के रूप में काम शुरू किया। मात्र 20 साल में ही वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है।

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साल 2017 में हुए निगम पार्षद के चुनाव के हलफनामे में चुनाव आयोग को अपनी शिक्षा आठवीं पास और अपनी संपत्ति करीब 18 करोड़ बताई थी। पुलिस उसके खिलाफ हत्या की धारा में मामला दर्ज करने के साथ ही अन्य धाराओं में भी मामला दर्ज जांच  कर रही है। पर मामला दर्ज होते ही सोशल मीडिया पर जांच में पुलिस को मदद करने का दावा करने वाला ताहिर फरार हो गया है। 

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हुसैन 20 साल पहले पहुंचा था दिल्ली
ताहिर हुसैन उत्तर प्रदेश के अमरोहा में स्थित एक गांव पौरारा का रहने वाला है। करीब 20 साल पहले वह अपने परिवार के साथ उसी गांव में रहता था। परिवार के पास इतनी भी जमीन नहीं थी कि सही से गुजारा कर सके। उसके पिता कल्लू उर्फ कल्लन सैफी गांव में मजदूरी कर ताहिर, उसकी सौतेली मां और उसके चार छोटे भाई और दो बहनों का भरण पोषण करते थे। पर ताहिर को उसकी सौतेली मां पसंद नहीं करती थी। स्थिति यह थी कि उसे सही से खाना तक नसीब नहीं होता था। अंतत: परेशान होकर वह एक दिन घर से भागकर दिल्ली पहुंच गया। यहां मजदूरी करके पेट पालने लगा। उसी दौरान वह लकड़ी के फर्नीचर बनाने वाले कारीगर के यहां सहायक के रूप में काम शुरू किया।

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मात्र 8वीं पास ताहिर ऐसे बना करोड़पति
कुछ ही सालों में उसने चांदबाग में 1000 गज का प्लॉट खरीदने के साथ ही दिल्ली के कई इलाकों में अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली। चांद बाग के उसी 1000 गज के प्लॉट में बने चार मंजिले मकान में जब हिंसा खत्म होने के बाद पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंची तो छत पर पुलिस को पेट्रोल बम, कट्टों में भरे ईंट व पत्थर और बड़ी संख्या में एसिड की बोतलें मिलीं। साथ ही कुछ वीडियो भी वायरल हुए थे, जिसमें हिंसा के दौरान उसी मकान की छत और बालकोनियों से दर्जनों उपद्रवी नीचे सुलगते पेट्रोल बम, ईंटे और एसिड के पैकेट्स फेंकते दिख रहे हैं। साथ ही एक वीडियो में खुद ताहिर डंडा लिए हुए छत पर टहलता दिख रहा था। 

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रसूख बनाकर पहुंचा केजरीवाल तक  
रुपए और संपत्ति अर्जित करने के साथ ही ताहिर ने अपना रसूख भी कायम कर लिया था। राजनीतिक लालसा पूरा करने के लिए उसने पहले आप पार्टी में और फिर अरविंद केजरीवाल से अपनी नजदीकियां बढ़ा लीं। 2017 में चुनाव लडऩे के लिए आप पार्टी का टिकट प्राप्त कर लिया और जीत के बाद तो वह केजरीवाल के काफी नजदीकियों में गिना जाने लगा। ताहिर हुसैन ने अपने गांव नियमित रूप से साल में एक बार जरूर जाता था। वैसे उसने कई साल पहले अपना पुश्तैनी घर बेच दिया था, पर वहां के अपने रिश्तेदारों से मिलने पहुंचा करता था। पर पिछले साल एनआईए ने अमरोहा में आईएसआईएस के मॉड्यूल ‘हरकत-उल-हर्ब-ए इस्लाम’ का खुलासा का खुलासा किया था। 

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