Saturday, Mar 23, 2019

परीक्षा को चैलेंज की तरह लें लेकिन तनावमुक्त होकर

  • Updated on 2/23/2019

यह एक आम धारणा-सी बन गई है कि परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले जो तैयारी की जाती है, वही असली फल देने वाली होती है। किसी हद तक यह बात सच भी है परंतु केवल यही सत्य है, यह बात ठीक नहीं। पूर्णत: सफल होने के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए इस पर मनन करते हैं। 

अब क्योंकि परीक्षा में बहुत कम समय रह गया है तो सबसे पहले कुछ टिप्स हैं जिन पर अमल करने से आप मनवांछित सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

सबसे आवश्यक है प्लानिंग
इसके चार मुख्य भाग रहते हैं, पहला है समय प्रबंधन। इसमें बाकी बचे समय के सर्वोत्तम प्रयोग की रणनीति तैयार की जाती है। दूसरा है विषय के महत्व और उस पर आपकी पकड़ के अनुसार हर विषय के लिए समय वितरण।

तीसरे, इसके साथ-साथ सैंपल पेपरों को हल करना आपकी तैयारी को बहुत हद तक सफलता प्राप्ति के काफी निकट पहुंचा देता है। चौथे, तैयारी करते-करते अंतिम समय पर दोहराई के लिए अपने नोट्स तैयार करना और उनका सदुपयोग करना रामबाण जैसा कार्य करता है।

सैंपल पेपर को हल करते समय यह अवश्य ध्यान रखें कि आप निर्धारित समयावधि में पूरा पेपर हल करने के लिए पूरी तरह से अभ्यस्त हो जाने चाहिएं।

लम्बी सिटिंग से बचें
उपरोक्त के अतिरिक्त कुछ और बातों का ध्यान रखना भी बहुत लाभदायक रहता है। जैसे कि लंबी सिटिंग से बचने के लिए हर घंटे-सवा घंटे के पश्चात पांच-दस मिनट की ब्रेक लेनी चाहिए। योग, ध्यान-साधना  और नियमित व्यायाम (कुल एक घंटा प्रतिदिन) करने से आपकी सेहत और सामथ्र्य के साथ ही स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होती है।

इन दिनों में तले हुए और अधिक मिर्च-मसाले वाले या खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इन दिनों में ओट्स, ड्राई फ्रूट्स और ताजा सब्जियों का सेवन लाभकारी रहता है।

ऐसा भी देखा गया है कि पूरी-पूरी रात पढऩा आपकी सक्रियता पर भी असर डालता है। पढ़ाई करते समय मोबाइल और टी.वी. बंद रखने से भी बहुत लाभ होता है। पढ़ाई की तैयारी के लिए ऑडियो-विजुअल साधनों का प्रयोग भी यथासंभव करने से गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

लिटिल ग्रुप स्टडी से भी बहुत लाभ प्राप्त होता है। परंतु शर्त यह है कि आपके साथी सकारात्मक सोच के मेहनती और परस्पर सहयोगी भावना वाले होने चाहिएं। 

प्रतियोगिता की भावना से करें तैयारी
अपनी परीक्षा को एक चैलेंज के रूप में स्वीकार करें। प्रतियोगिता की भावना से तैयारी करें। दूसरों के साथ-साथ अपने आप से प्रतियोगिता करें। तनावमुक्त रहें। ऊंचा लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए सटीक रणनीति बना कर डट जाएं। नकारात्मक विचारों और पारिवारिक तथा व्यक्तिगत समस्याओं को परीक्षा के अंतिम दिन के बाद हल करने के लिए रख लें।

श्री गीता जी में भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा है कि कर्म करो और यह निश्चित समझो कि कर्म के समानुपात में फल आपको हर हालत में मिल कर रहेगा। परीक्षा संपन्न होने के पश्चात निशिंचत हो जाएं। आपको आपकी मेहनत के अच्छे  परिणाम अवश्य प्राप्त होंगे।                                                                                                                     ---सपना सूद

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