Wednesday, Feb 19, 2020
tata sons approach supreme court against nclat decision to reinstate cyrus mistry

टाटा संस ने साइरस की वापसी पर NCLT के फैसले को SC में दी चुनौती

  • Updated on 1/2/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करने के एनसीएलएटी के 18 दिसंबर के फैसले के खिलाफ बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। टाटा समूह ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।

PM मोदी की समीक्षा से पहले CBDT में हड़कंप, अधिकारियों को दिए खास निर्देश

अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कार्यकारी चेयरमैन पद पर एन. चंद्रशेखरन की नियुक्ति को अवैध ठहराया था। मामले से जुड़े एक वकील ने कहा, 'हमने एनसीएलएटी के फैसले को पूर्ण रूप से चुनौती दी है।' 

#CAA Protest : वाराणसी में मासूम बच्ची चंपक की मां 14 दिन बाद जेल से रिहा

याचिका में शीर्ष न्यायालय से अपीलीय न्यायाधिकरण के निष्कर्षों को खारिज करने या रद्द करने की मांग की गई है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने माना था कि समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा की मिस्त्री के खिलाफ कार्रवाई उत्पीडऩकारी थी। एनसीएलएटी ने कहा था कि बहाली आदेश चार सप्ताह बाद प्रभावी होगा। निर्णय के अनुसार टाटा संस इस अवधि में चाहे तो निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकती है। 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया गंभीर आरोपों को लेकर इस्तीफा

अपीलीय न्यायाधिकरण ने टाटा संस को पब्लिक फर्म से बदलकर प्राइवेट फर्म बनाने की कार्रवाई को भी रद्द कर दिया। एनसीएलएटी ने टाटा संस को मिस्त्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का भी निर्देश दिया है। मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 81 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट और टाटा समूह की कंपनियों के साथ टाटा परिवार के सदस्यों के पास है। 

मोदी सरकार की जरूरी आर्थिक सुधारों में जरा भी रुचि नहीं : अर्थशास्त्री स्टीव


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.