Monday, Oct 22, 2018

आतंकवाद विकास और समृद्धि के लिए जबरदस्त खतरा: सुषमा

  • Updated on 10/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवाद विकास और सृमद्धि के लिए जबरदस्त खतरा है और उन्होंने पाकिस्तान सहित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझने और आपस में सहयोग करने की अपील की है।

स्वराज ने 50 अरब डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि संपर्क की सभी पहल संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, विचार विमर्श, सुशासन, पारर्दिशता,व्यवहार्यता और निरंतरतता के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए।

भारत ने सीपीईसी परियोजनाओं का विरोध किया है और चीन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। स्वराज एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद (सीएचजी) के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए यहां आईं हैं।

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उन्होंने कहा,‘‘आतंकवाद विकास और समृद्धि के हमारे साझा लक्ष्यों के लिए सबसे खतरा है।’’ विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मौजूदगी में कहा कि चूंकि आतंकवाद पैर पसार रहा है तो सरकारों को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझनी चाहिए और एक दूसरे से सहयोग करना चाहिए।

स्वराज ने कहा, ‘‘हम सब को वैश्वीकरण से लाभ हुआ है। हमें अपना व्यापार और निवेश सहयोग आगे बढ़ाना चाहिए। हम खुले, स्थाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार तंत्र का समर्थन करते हैं जो विश्व व्यापार संगठन की केन्द्रीयता पर आधारित हो।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने किंवगदाओ में एससीओ सम्मेलन में शामिल नेताओं की युवाओं को कट्टरपंथ में धकेलने के खिलाफ अपील का खुलकर समर्थन किया था।

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साथ ही उन्होंने ‘एससीओ शांति मिशन 2018’ के सफलता पूर्वक संपन्न होने के लिए अपने सहयोगियों को बधाई दी। यह पहली बार है जब भारत ने इन आतंकवाद विरोधी अभ्यासों में हिस्सा लिया है।

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