Monday, Mar 25, 2019

#PulwamaTerroristAttack: सेना पर हुए इन हमलों ने दहला दिया देश का दिल, भूल पाना आसान नहीं !

  • Updated on 2/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  14 तारीख को जब पूरी दुनिया पर जब वैलेंटाइन डे का खुमार चढ़ था तभी जम्मू से शाम तीन बजे खबर आई कि सेना के जवानों से लदी एक गाड़ी पर दूसरे तरफ से बारुद से भारी गाड़ी ने टक्कर मार दी। ये सेना का बड़ा दस्ता था जोकि 2500 सेना के जवानों के साथ श्रीनगर से जम्मू की तरफ जा रहा। 

पुलवामा अटैक 2019

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अचानक हुए इस हमले में सेना और सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई। ये हमला इतना खतरनाक था कि हर तरफ इधर-उधर चीथड़े नजर आ रहे थे। पुलवामा के शहीदों का बदला लेने के लिए सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेने के मूड में नजर आ रही है। 

ये पहले मौका नहीं है जब सेना के जवानों पर सीधे हमले किए गए हो। पिछले कुछ समय में हुए हमलों पर नजर डालें तो पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद पहले भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका है। 

उरी अटैक 2016

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साल 2016 में 18 सितम्बर को चार असलहों से लैस आतंकियों ने सेना के बैस कैंप पर हमला कर दिया था। जम्मू कश्मीर के करीब उरी के सेना बेस कैंप में इस हमले को अंजाम दिया गया। इस हमले में सेना के 17 जवान मारे गए और कई घायल हो गए। 

पठानकोट हमला 2016

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वहीं इस हमले से कुछ समय पहले ही एक बार आतंकियों ने सेना के बेस कैंप को ही निशाना बनाया था। 2016 में ही 2 जनवरी को असलहों से लैस आतंकियों ने भारतीय सेना के एयर कमांड के पठानकोट एयरफोर्स को निशाना बनाया था। इस हमले में सेना के 7 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। 

सुकमां और सुजवां आर्मी बेस कैंप अटैक 2018

इसके बाद भी ये हमले रुके नहीं, साल 2018 में सुकमा और सुजवां में आर्मी कैंपों पर हमले हुए जिसमें सेना के क्रमश:  9 और 11 जवान शहीद हो गए। साल 2016 में ही जम्मू कश्मीर के नगरोट में सेना के कैंप पर हमला हुआ जिसमें 10 सैनिक मारे गए। 

अमरनाथ यात्रा अटैक 2017

इससे पहले सेना ही नहीं आतंकियों के नापाक इरादों का निशाना धार्मिक स्थल भी बने। 2017 में 11 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे सैनिकों पर हमला किया गया जिसमें 7 जवान मारे गए। 

मुंबई अटैक 2008

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देश के दहला देने वाले हमलों की बात करें तो इसका शिकार सिर्फ सेना नहीं बल्कि आम जनता को भी उठाना पड़ा है। 2008 में मुंबई में एक ऐसा ही आतंकी हमला हुआ था जिसने सभी को दहला कर रख दिया। 26/11 ते नाम से जाने जाने वाले इस आतंकी हमले में 12 अलग जगहों पर पूरी तैयारी के साथ समुद्र के रास्ते तक आम जनता के ऊपर गोलियां बरसाई गईं। चार दिन तक आतंकियों और सेना-पुलिस के बीच चली इस जंग में 174 लोगों को जान गंवानी पड़ी और 300 लोग घायल हो गए। भारतीय इतिहास में ये सबसे दर्दनाक हमलों में से एक था।
 

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