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the atmosphere of grief in sitapur village the whole village cried albsnt

उत्तराखंडः सीतापुर गांव में गम का माहौल,दोस्तों की विदाई पर रोया पूरा गांव

  • Updated on 1/8/2021

हरिद्वार/योगेश योगी। उत्तराखंड में अक्सर शाम को साथ में घूमने के लिए निकलने वाले चार दोस्त अंतिम यात्रा पर भी साथ ही निकले। ट्रेन हादसे का शिकार हुए चारों दोस्तों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।युवकों की मौत पर गांव में हर किसी की आंख नम हो गई।

युवकों की मौत से गुस्साए लोगों ने रेलवे ट्रैक पर किया कब्जा,आश्वासन के बाद खाली किया ट्रैक
ग्रामीणों ने बताया कि विशाल, प्रवीण, हैप्पी और मयूर आपस में पक्के दोस्त थे। सुबह शाम जब भी खाली समय मिलता चारों दोस्त साथ में घूमने निकल जाते थे।वीरवार की उस शाम भी चारों दोस्त घूमने के लिए घर से बाहर निकले थे।उन्हें नहीं पता था कि रेलवे ट्रैक पर मौत उनका इंतजार कर रही है।जैसे ही रेलवे ट्रैक पर पहुंचे मौत का झपट्टा उन पर पड़ गया।चारों युवकों की मौत के बाद से सीतापुर गांव में हर ओर गम का माहौल है।पूरे गांव-गांव में जगह-जगह से रोने की आवाज आ रही हैं।शुक्रवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जिला प्रशासन की ओर से शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया।जिसके बाद गांव से चारों युवकों की शव यात्रा एक साथ श्मशान घाट के लिए निकली। चारों का कनखल श्मशान घाट में एक साथी अंतिम संस्कार किया गया।आसपास ही उनकी चिता लगाई गई।चिताओं को जैसे ही आग दी गई,श्मशान घाट में मौजूद हर शख्स की आंख नम हो गई।

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अपने घरों के अकेले चिराग थे मृतक युवक 
-चारों मृतक युवक अपने अपने घरों के अकेले चिराग थे। ग्रामीणों ने बताया कि विशाल,मयूर,प्रवीण और हैप्पी अपने अपने घरों में अकेले पुत्र थे। एक दिन पहले तक इनके परिवारों ने इस बुरी घड़ी की कल्पना भी नहीं की होगी।उन्हें नहीं पता था कि चारों घरों के  चिराग एक साथ बुझ जाएंगे।

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दो युवकों की पहचान करना हुआ मुश्किल
- चारों युवकों के शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत थे।इनमें से दो युवकों की तो किसी तरह से पहचान हो रही थी लेकिन दो की पहचान करना तो काफी मुश्किल हो रहा था।हाई स्पीड ट्रेन से टक्कर होने के चलते शरीर के अनेक टुकड़े हो गए थे।ऐसे में यह पहचानना भी मुश्किल था कि शरीर का कौन सा अंग किसी युवक का है।ट्रैक पर मांस के लोथडे बिखरे पड़े थे। दो युवकों का ऊपरी हिस्सा तो पूरी तरह से मांस के लोथड़ों में तब्दील हो चुका था।

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