Tuesday, Oct 19, 2021
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the authority asked for 1 week''s time

किसानों और प्राधिकरण के बीच बैठक बेनतीजा, प्राधिकरण ने मांगा 1 हफ्ते का समय

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल।  मधुबन बापूधाम योजना में प्रभावित 6 गांवों के किसान सोमवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के साथ बैठक के लिए पहुंचे। कई घंटों चली इस बैठक में किसानों और जीडीए के बीच मुआवजे की मांग को लेकर सहमति नहीं बन सकी। जिसके बाद किसान वापस लौट गए। बैठक के बाद किसानों ने कहा कि वह योजना में निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। आंदोलन के प्रवक्ता गौरीशंकर ने बताया कि बैठक से किसानों को काफी उम्मीदें थीं। बैठक में जीडीए सचिव, ओएसडी और किसानों की तरफ से अध्यक्ष सूरदीप शर्मा, बॉस चौधरी, गौरीशंकर, धर्मवीर, भोपाल, यशपाल चौधरी व रामनाथ आदि उपस्थित रहे। 

जीडीए ने मांगा 1 हफ्ते का मांगा समय 
बैठक के  दौरान जीडीए वीसी ने किसानों की बातों को सुना और 1 हफ्ते का समय विचार के लिए मांगा है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि किसानों से बातचीत के दौरान उनकी सभी मांगों को सुना गया। जीडीए किसानों की तमाम मांगों के आधार पर 1 हफ्ते में विचार कर उन्हें अपने निर्णय से अवगत करा देगा। किसानों का भी कहना है कि अगले एक हफ्ते वह इंतजार करेंगे। अगर 1 हफ्ते में कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता है तो किसान आगे की कार्रवाई के लिए विचार करेंगे। 
 

16 साल से जारी है विवाद 
2004 में जीडीए द्वारा मधुबन-बापूधाम योजना के लिए 1234 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। मुआवजा राशि को लेकर किसानों व जीडीए के बीच कई बार बैठकें हुईं। अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने हाईकोर्ट में भी अपील की। किसानों का कहना है कि 2007 में 8 अक्तूबर को किसानों और जीडीए के बीच समझौता हुआ कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा 11 सौ रूपए प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों को दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में मुआवजा राशि बढने पर प्रतिकर भी जीडीए वहन करेगा। लेकिन अब जीडीए अपने वादे से मुकर गया। वह किसानों से जबरन उनकी जमीनें छीन रहा है। 
 

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