Thursday, Jun 04, 2020

Live Updates: Unlock- Day 3

Last Updated: Wed Jun 03 2020 11:51 PM

corona virus

Total Cases

216,524

Recovered

105,079

Deaths

6,032

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA74,860
  • TAMIL NADU25,872
  • NEW DELHI22,132
  • GUJARAT18,117
  • RAJASTHAN9,652
  • UTTAR PRADESH8,729
  • MADHYA PRADESH8,588
  • WEST BENGAL6,508
  • BIHAR4,096
  • KARNATAKA3,796
  • ANDHRA PRADESH3,791
  • TELANGANA2,891
  • JAMMU & KASHMIR2,718
  • HARYANA2,652
  • PUNJAB2,342
  • ODISHA2,245
  • ASSAM1,562
  • KERALA1,413
  • UTTARAKHAND1,043
  • JHARKHAND722
  • CHHATTISGARH564
  • TRIPURA471
  • HIMACHAL PRADESH345
  • CHANDIGARH301
  • MANIPUR89
  • PUDUCHERRY79
  • GOA79
  • NAGALAND58
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA30
  • ARUNACHAL PRADESH28
  • MIZORAM13
  • DADRA AND NAGAR HAVELI4
  • DAMAN AND DIU2
  • SIKKIM1
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
the-credibility-of-the-congress-to-survive-from-the-bold-decision

साहसिक फैसले से बचेगी कांग्रेस की साख

  • Updated on 5/28/2019

लोकसभा चुनाव (loksabha election) परिणाम 2019 से आहत कांग्रेस को ठीक उसी तरह के फैसले लेने होंगे जैसे भाजपा (bjp) ने 2013 में लिया था। जब अपने वरिष्ठ नेताओं की लंबी कतार को पीछे छोड़ते हुए तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह(rajnath singh) ने तबके गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी(narendra modi) को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया था। आज जब 2019 में उस फैसले का विश्लेषण किया जाए तो लगता है कि उस समय मोदी को कमान सौंपने का निर्णय सही साबित हुआ। हालांकि राजनाथ को उस समय संघ का पूरा साथ मिला था तभी जाकर मोदी भारतीय राजनीति के क्षितिज पर आए।

यहां ध्यान देने की जरुरत है कि जैसे-जैसे मोदी(modi) का कद बढ़ता गया उसी तरह न सिर्फ कांग्रेस(congress) बल्कि राहुल(rahul) समेत सभी विपक्षी नेताओं का संकट गहराता गया। खासकर के राहुल देश की जनता के सामने अपनी विश्वसनीय छवि नहीं गढ़ पाए। जिसका नुकसान उन्हें पहले 2014 में फिर 2019 में उनको व्यक्तिगत तौर पर भी उठाना पड़ा।

याद कीजिए संसद भवन में पिछले साल बहस के दौरान जब राहुल एक अच्छा भाषण देकर देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा। देश की जनता में राहुल को लेकर उत्सुकता बढ़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिले। जिसकी भी खासी चर्चा हुई। लेकिन उसके बाद जो हुआ फिर राहुल हंसी के पात्र बन गए। उन्होंने अपनी सीट से प्रधानमंत्री को आंख मारी। जिससे लगा कि राहुल अभी राजनीति के लिए परिपक्व नहीं हुए है। जिसका खामियाजा उन्हें और उनकी पार्टी को उठाना पड़ता है। दूसरी तरफ संघ के शाखा से तपकर निकले मोदी से मुकाबला में राहुल कहीं नजर नहीं आते है।

अब अपनी अंतिम सांसे गिन रही कांग्रेस या तो निकट भविष्य में दम तोड़ देगी या गांधी परिवार के बगैर एक ऐसे नेता को कमान सौंपेगी जो पार्टी में जान फूंक सकें ठीक उसी तरह जैसा नरेंद्र मोदी-अमित शाह ने कर दिखाय़ा। लेकिन यह निर्णय इतना आसान नहीं है। गांधी परिवार की छाया से दूर भी पार्टी नहीं होना चाहती। तो इसका दोष सिर्फ सोनिया-राहुल पर ही मढ़ा नहीं जा सकता क्योंकि पार्टी के अन्य नेता ऐसा होने भी नहीं देना चाहते।

कारण साफ है कि पार्टी में चाटुकारिता अपने चरम पर है। राहुल गांधी(rahul gandhi) ऐसे सलाहकार मंडली से घिरे हुए है जो उन्हें भ्रमित करते रहते है। यह मंडली पार्टी में दूसरी कतार के नेताओं के प्रतिभा को कुंद करने में जुटे रहते है। ऐसे हालात में यह दूर की कोड़ी लगती है कि भाजपा की तरह कांग्रेस कठोर कदम उठाएगी।

लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम में विपक्ष(opposition) का पद भी हासिल नहीं कर पाई कांग्रेस(congress) के भीतर इसी दूसरी कतार  के नेताओं को आवाज बुलंद करनी होगी तभी कांग्रेस की साख बच पाएगी। आखिर कांग्रेस यह क्यों नहीं देखती कि एक तरफ भाजपा ने नरेंद्र मोदी(narendra modi) की प्रतिभा को पहचानकर उके साथ आगे बढ़ने में एक मिनट भी देरी नहीं की। भले ही आडवाणी(advani),जोशी(joshi) जैसे नेता नाराज तक हुए। जिन्होंने न सिर्फ पार्टी को खड़ा किया बल्कि नरेंद्र मोदी को सींचा भी।

देश को इंतजार है कि कांग्रेस(congress) साहसिक फैसले कब लेगी। हालांकि अभी हाल ही में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल(rahul) के अध्यक्ष(president) पद छोड़ने के प्रस्ताव पर जो नाटकबाजी हुई उससे तो लगता है कि पार्टी को अभी ओर जूझना पड़ेगा।
लेखक : कुमार आलोक भास्कर    

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा पंजाब केसरी समूह उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.