Thursday, May 13, 2021
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the farmers refused to accept all the proposals of the central government absnt

आंदोलन रहेगा जारी! किसानों ने केंद्र सरकार के सभी प्रस्ताव को मानने से किया इनकार

  • Updated on 12/9/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक बार फिर किसानों ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Sah) के भी आंदोलनरत किसानों की कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। हालांकि केंद्र सरकार ने किसानों की शंका को दूर करने की सारी कवायदें की है। यहां तक कि एमएसपी पर लिखित आश्वासन भी देने को तैयार हुई। लेकिन किसान नेताओं ने एक टूक कहा कि कृषि कानून को वापस करना ही होगा। किसानों ने एक बार फिर कहा कि 14 दिसंबर को प्रदर्शन किया जाएगा। 

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वहीं किसानों ने यह भी कहा कि 14 दिसंबर को देश भर में बीजेपी ऑफिस का घेराव भी किया जाएगा।किसानों ने कहा है कि अब वे लोग ज्यादा ताकत और जोश से सरकार के कृषि कानून के खिलाफ लामबंदी करेंगे। इसके लिये सिलसिलेवार तरीके से केंद्र सरकार का विरोध जताया जाएगा। जिसमें 12 दिसंबर को सभी टोल प्लाजा को फ्री किया जाएगा। साथ ही रिलायंस जियो के उत्‍पादों का बहिष्‍कार करने का भी ऐलान किया गया है।

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इस बाबत किसान नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा कि आज किसानों को केंद्र सरकार के प्रस्ताव से दुःख पहुंचा है। सरकार ने हमारे सभी मांगों को खारिज करके किसानों का अपमान किया है। जो स्वीकार्य नहीं है।साथ ही उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर तक जयपुर-दिल्ली हाइवे को रोकने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश भर के किसानों का है। सरकार के सभी मंत्रियों का घेराव भी किया जाएगा। जबकि दिल्ली की सड़कों को जाम किया जाएगा।

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