Saturday, Sep 23, 2023
-->
the-first-video-of-children-escaped-from-cave-in-thailand

थाईलैंड में गुफा से निकाले गए बच्चों का पहला वीडियो देख भावुक हुए लोग

  • Updated on 7/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। थाईलैंड की गुफा में फंसे सभी 12 बच्‍चों और उनके कोच को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।  इसके साथ ही गुफा के अंदर फंसे 12 नन्हें फुटबॉलरों एवं उनके कोच को बचाने की मुहिम ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। थाईलैंड सरकार ने इस रेस्क्यू में गुफा से निकाले गए सभी बच्चों को चियांग राय स्थित अस्पताल में रखा गया हैं।

बच्चों की देखभाल कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे तनमन से सही है। इस बात का सबूत  हाल ही में अस्पताल से वायरल हो रही इन बच्चों के वीडियो ने दिया है। जिसमे सभी बच्चें अपने हाथों से 'यो साइन' दिखाकर अपनी खुशी जाहिर करते दिख रहे हैं।
 

आपको बता दें कि फुटबॉल टीम के ये 12 खिलाड़ी  अपने कोच के साथ 23 जून से एक पानी से भरी एक गुफा में फंस गए थे। उनके गायब होने के 9 दिनों बाद थाई नेवी सील के गोताखोरों ने उन्हें गुफा में ढूंढ निकाला। इसके बाद रविवार से मंगलवार तक तीन दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में उन सभी को गुफा से बाहर निकाला गया। 

कैसे फंस गए गुफा के अंदर :
 वाइल्ड बोअर्स  फुटबॉल टीम के ये 12 बच्चे और उनके कोच  इकापोल के साथ मैच के लिए घर से निकले थे। जब  मैच खत्म हुआ तो सभी बच्चों के साथ कोच भी थाम लुआंग गुफा में गए। लेकिन जैसे ही वो गुफा के अंदर गए थे तो वहां बारिश शरू हो गई और  बारिश के कारण से गुफा से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। पानी से बचने के लिए कोच और बच्चे गुफा में बेहद अंदर की तरफ चले गए। खिलाड़ियों की साइकिलें गुफा के बाहर थी जिनकी वजह से अधिकारियों को पता चला कि खिलाड़ी गुफा के अंदर ही हैं। 
इसके बाद गोताखोरों की टीम ने उन सभी को खोजने का अभियान शुरू किया गाया। 2 जुलाई वो दिन था जब पहली बार  इन खिलाड़ियों को गुफा के अंदर खोजा गया।पहले योजना थी कि गुफा में पानी कम होने के बाद उन्हें वहां से निकाला जाएगा,लेकिन इसमें करीब 4 महीने का वक्त लग जाएगा। इसलिए बाद में बारिश की वजह से उन्हें जल्द से जल्द निकालने का फैसला किया गया। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.