Sunday, Feb 05, 2023
-->
the-grace-of-lord-vishnu-will-take-place-from-jaya-ekadashi-fast

'जया एकादशी व्रत' को करने से बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा, जानें व्रत से जुड़े नियम और विधि

  • Updated on 2/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हर माह दो एकादशियों के लिहाज से एक वर्ष में 24 एकादशी आती हैं। जब अधिकमास होता है तो ये 26 हो जाती हैं। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 16 फरवरी यानी आज है। 

माघ माह की एकादशी को 'जया एकादशी" नाम दिया गया है। जया यानी समस्त बुराइयों, संकटों, परेशानियों पर जीत हासिल करना। 

भागवत पुराण में जया एकादशी के महत्व के बारे में कहा गया है कि जो व्यक्ति समस्त भौतिक, सांसारिक सुख प्राप्त करना चाहता है, उसे माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। यह एकादशी भगवान विष्णु को परम प्रिय है।

व्रत को रखने के नियम
यह व्रत दो प्रकार से रखा जाता है -निर्जल व्रत और फलाहारी या जलीय व्रत। निर्जल व्रत पूर्ण रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति को ही रखना चाहिए। अन्य या सामान्य लोगों को फलाहारी या जलीय उपवास रखना चाहिए।

इस व्रत में सुबह श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। इस व्रत में फलों और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। बेहतर होगा कि इस दिन केवल जल और फल का ही सेवन किया जाए। 

ऐसे करें व्रत 

  • भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
  • घी में हल्दी डालकर भगवान विष्णु का दीपक करें।
  • पीपल के पत्ते पर दूध और केसर से बनी मिठाई रखकर भगवान को चढ़ाए। 
  • भगवान विष्णु को केले चढ़ाए और गरीबों को भी बांटे। साथ ही लक्ष्मी का पूजन करें।
     

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.