Monday, Nov 28, 2022
-->
the-quack-doctor-took-the-life-of-an-8-year-old-innocent

झोलाछाप डॉक्टर ने ली 8 वर्षीय मासूम की जान

  • Updated on 9/5/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का गंभीर ना होना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। जहां 8 साल के एक मासूम को झोलाछाप डॉक्टर के उपचार से जान गवानी पडी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डॉक्टर को लेकर हरकत में तब आया जब बच्चे के परिजनों ने तहसील दिवस में मामले से संबंधित शिकायत की गई। अब स्वास्थ्य विभाग 10 दिन बाद मामले की जांच में जुटा और झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा है। 

जानकारी के अनुसार लोनी के ताज हाइट्स बंगाली कॉलोनी इलायचीपुर में रहने वाले रवि कुमार ने बताया कि 25 अगस्त को उनकी पत्नी 8 वर्षीय बेटे वंशु को फोड़े-फुंसी की दवा दिलवाने कॉलोनी के सरस्वती क्लीनिक पर गई थी। यहां डॉ. गौतम ने बच्चे को दवा दी और जल्द आराम के लिए इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। इस पर पत्नी ने इंजेक्शन लगाने से मना किया, लेकिन डॉक्टर ने जबरन यह कहते हुए इंजेक्शन लगा दिया कि इससे रोग में जल्द आराम आ जाएगा। इंजेक्शन लगवाने के बाद वह बेटे को घर ले आईं। 

घर पहुंचते ही बेटे की हालत बिगडऩे लगी। हालत ज्यादा खराब होने पर पत्नी बेटे को वापस डॉक्टर के पास लेकर गईं। तब डॉक्टर ने उन्हें दूसरे अस्पताल जाने को बोल दिया। दूसरे अस्पताल ले जाने पर वहां मौजूद डॉक्टर ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान डॉ. गौतम क्लीनिक बंद करके भाग गया। स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की गई, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

अब बीते शनिवार को लोनी में आयोजित तहसील दिवस के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को परिजनों ने इस घटना की शिकायत की। जिसके बाद मामले की जांच शुरु कर की गई। डिप्टी सीएमओ डॉ. जीपी मथुरिया ने बताया कि घटना के बाद आरोपी डॉक्टर क्लीनिक बंद करके फरार है। डॉ. मथुरिया ने बताया कि सरस्वती क्लीनिक और डॉ. गौतम का स्वास्थ्य विभाग में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ  एफआईआर करवाई जा रही है। 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.