Thursday, Jan 20, 2022
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The statement of the Minister on the death of farmers in the movement was called condemnable

आंदोलन में किसानों की मौत पर कृषि मंत्री के बयान को संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया निंदाजनक

  • Updated on 12/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। सरकार द्वारा किसान आंदोलन में किसानों की मौतों का कोई आंकडा ना होने के ससंद में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि मंत्री के बयान की निंदा की। एसकेएम के गाजीपुर बॉर्डर प्रवक्ता जगतार सिंह बजाया ने कहा कि चल रहे आंदोलन में 689 से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई है। शहीदों के परिजनों को मुआवजा और पुनर्वास की अपनी मांग संयुक्त किसान मोर्चा तब तक करता रहेगा। जब तक किसानों की यह मांग मान नहीं ली जाती। 

बाजवा ने कहा कि सरकार किसान संगठनों में फूट डालने की कोशिशों में लगी है। लेकिन दिल्ली के मोर्चों पर अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसानों का विरोध स्थलों पर पहुंचना जारी है और संघर्ष जारी रहेगा। अधिक किसान आ रहे हैं ताकि सभी एक साथ विजयी होकर वापस जा सकें। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शनों के बारे में फैलाए जा रहे झूठ पर विश्वास न करें। जैसा कि पहले घोषित किया गया था, एसकेएम 4 दिसंबर को अपनी बैठक आयोजित करेगा। 

बाजवा ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा सरकार द्वारा, औपचारिक संवाद शुरू न करके, और लंबित मांगों के बारे में सरकार को याद दिलाने के लिए एसकेएम द्वारा भेजे गए पत्र का औपचारिक रूप से जवाब नहीं देकर, विरोध करने वाले किसानों को विभाजित करने के निरंतर प्रयासों की निंदा करता है। भारत सरकार, यह कहकर कि उसके पास किसी भी विरोध कर रहे किसानों की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है, किसानों के भारी बलिदान का अपमान कर रही है। सरकार की प्रतिक्रिया उसकी असवेंदनशीलता दिखाता है। 
 

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