Tuesday, Nov 30, 2021
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the youth in the trade fair like to talk about the mind

trade fair 2021: मन की बात करना भा रहा है युवाओं को

  • Updated on 11/24/2021

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। ट्रेड फेयर मेला शुरू से ही युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। इसीलिए भारी संख्या में युवा यहां पहुंचते हैं। ऐसे में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के हॉल द्वारा युवाओं को जोडऩे के लिए एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है। यहां आने वाले युवा जहां अपने मन की बात की रिकार्डिंग रूम से रिकार्ड कर रहे हैं। वहीं नमो एप के जरिए भी अपने विचारों को दर्ज करवा रहे हैं। उनके मैसेज वहां लगी डिजिटल स्क्रीन पर चलाया जा रहा है। जिसे देख युवा उत्साहित भी हो रहे हैं।

मंत्रालय के कंस्लटेंट अनूप कुमार ने बताया कि यहां रोजाना करीब 500-600 युवा अपने बयान रिकार्ड करवा रहे हैं जबकि नमो एप पर रोजाना मैसेज भेजने वालों की संख्या  2-3 हजार है। इनमें से जिसके भी मन की बात प्रधानमंत्री को अच्छी लगेगी वो आगामी मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से उसके नाम के साथ प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा यहां एक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है जहां युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोटी के कटआउट के साथ जमकर फोटो व सेल्फी लेते दिखाई दे जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किया हुनर हाट का दौरा
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मंगलवार को प्रगति मैदान पहुंंचे और उन्होंने हुनर हाट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सभी स्टॉल तो देखे ही साथ ही दस्तकारों और शिल्पकारों से बातचीत कर उनके उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल की।

बता दें कि हुनर हाट में देशभर से 282 स्टॉलों को लगाए गए हैं। जिनमें तरह तरह के उत्पादों को बिक्री के लिए रखा गया है। नकवी ने कहा कि हुनर हाट क्राफ्ट क्यूजीन और कल्चर का संगम है। दस्तकारों, शिल्पकारों और कारीगरों की कला को पहचान देने और उनकी आर्थिक- सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उन्हें एक बड़ा मंच और मार्किट उपलब्ध करवाने का उनका प्रयास है।

हुनर हाट की वेबसाइट पर दस्तकारों और शिल्पकारों के उत्पादों को ऑनलाइन शॉपिंग से भी जोड़ा गया है। बता दें कि हॉल नंबर 3 में लगे हुनर हाट में लोग देशभर के दस्तकारों की कला को देख रहे हैं और उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। 

बिहार के लोकगीतों की खुशबू से महका मेला
सांस्कृतिक मंच पर बिहार के कलाकारों ने बिहार के लोकगीतों की खुशबू को सोमवार को बिखेर दिया। बिहार के कलाकारों ने झूमर, झिझिया,कजरी, सोहर और छठ गीत सहित बिहार की संस्कृति के कई रंग मंच पर बिखेरे। प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने पारंपरिक झूमर कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा गाकर लोगों को झुमाया। कलाकार सत्येंद्र संगीत ने बिहार गौरव गीत बाल्मीकि ने रची रामायण लव कुश को जाने संसार यह मेरा बिहार गाकर सारे बिहार वासियों को अपने बिहार से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। इनके साथ मशहूर गायिका उषा सिंह भी साथ दे रही थी।

मच्छरों के लिये लगायें कपूर बर्नर घर कि हवा को भी करेगा साफ़ 
कपूर और उसके फ़ायदों के बारे में आप सब जानते ही होंगे, अब ये कपूर आपके घर में फैली अशुद्ध हवा को तो साफ़ करेगा ही साथ ही मच्छरों को भी घर में नहीं आने देगा। वो भी महज़ चुटकी भर कपूर पूरे घर की हवा को शुद्ध कर देगा। प्रगति मैदान के हॉल नम्बर 11 में लगे स्टॉल पर आपको ये कपूर बर्नर 200 से 600 रूपेय की क़ीमत में मिलेंगे। जो दिखने में भी काफ़ी खूबसूरत हैं। 

शोला पुर की थ्रेड आर्ट का फेयर में लोग पूछ रहे पता 
कपड़ों पर पेंटिंग अपने बहुत देखी होंगी । मगर धागों से बनी कला शायद ही आपने पहले देखी हो, मेले के हॉल नम्बर 10 से गुजरते हुए एक छोटी से स्टॉल पर एकाएक आपके कदम विश्व के सभी दिग्गज चेहरों को देख कर रुक जाएंगे। यहाँ मोदी के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और ट्रम्प के साथ बाइडन एक साथ टंगे दिखते हैं।

धागों से बनाई ये खास आर्ट राजेंद्र अंकम पिछले कई सालों से बनाते आ रहे हैं । अंकम बताते हैं मैं कई नामी लोगों के चेहरे बना चुका हूं, मेरी इस आर्ट को यहां आने वाले दर्शक पसंद कर रहे हैं। अभी तक मुझे 7-8 ऑर्डर भी मिल चुके है। यहां आप अपनी या अपने किसी साथी की फ़ोटो भी हुबहू बनवा सकते हैं। इस आर्ट की क़ीमत 20 हज़ार आपको पड़ेगी।

मालू के पत्ते से लिपटी सिंगोडी मिठाई
उत्तराखंड पवेलियन में वहां की लोकल मिठाईयों को इस बार रखा गया है। जिसमें बाल मिठाई, चॉकलेट बर्फी व सिंगोडी है। यहां स्टॉल लगाने वाले हरीश ने बताया की सिंगोडी टिहरी में बनी मिठाई है जोकि जंगली पत्ते मालू से लिपटी होती है।

इस पत्ते का फ्लेवर उसमें रखे खोए को स्वाद बदल देता है। जबकि सफेद खोए को ब्राउन केरके बाल मिठाई बनाई जाती है और उसपर चीनी की गोलियों को लपेटा जाता है जबकि डार्क ब्राउन होने के बाद यही मिठाई चॉकलेट बर्फी कहलाती है। जोकि अल्मोड़ा डिस्ट्रिक की पारंपरिक मिठाई है।

 

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