फिर लटका सूचना आयुक्त का चयन, बेनतीजा रही बुलाई गई चयन समिति की बैठक

  • Updated on 7/11/2018

देहरादून/ब्यूरो। सूचना आयुक्त के चयन को लेकर बुधवार को बुलायी गयी बैठक बेनतीजा रही। सरकार और नेता प्रतिपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। उत्तराखंड सूचना आयोग में आयुक्त के चारों पद खाली हैं। फिलहाल आयोग में सिर्फ मुख्य सूचना आयुक्त हैं। 

हाईकोर्ट का आदेश है कि अपीलों की सुनवाई में मुख्य आयुक्त के अतिरिक्त एक आयुक्त का होना आवश्यक है। इस कारण पिछले दो महीने से आयोग में कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। इस कारण सरकार पर कम से कम एक आयुक्त को नियुक्त करने का दबाव है। 

आयुक्त के चयन को सीएम की अध्यक्षता में सरकार ने एक समिति बनाई है जिसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश सदस्य के तौर पर शामिल हैं। एक बार नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति और एक बार सीएम की अनुपस्थिति के कारण यह बैठक पूर्व में दो बार टाली जा चुकी है।

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बुधवार को आनन फानन में सीएम आवास पर चयन समिति की बैठक बुलाई गयी। इस बैठक में कुछ नामों पर चर्चा जरूर हुई परंतु किसी भी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। करीब एक घंटे के विचार विमर्श के बाद बैठक स्थगित कर दी गई। 

बताया गया है कि सीएम और मंत्री मदन कौशिक को काशीपुर में आयोजित भाजपा कार्यसमिति की बैठक में जाना था इस कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने बताया कि बुधवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं लिय जा सका। जल्द ही इसे लेकर दोबारा बैठक बुलाई जाएगी।

विनोद शर्मा व सेतिया सबसे आगे
सूचना आयुक्त के खाली पदों के लिए लगभग 150 लोगों ने आवेदन कर रखा है। इसमें रिटायर नौकरशाह, पत्रकार और समाज के अन्य वर्ग से पात्र व्यक्ति शामिल है। सूत्रों का कहना है कि इस दौर में कुछ दिन पहले तक पत्रकार अजीत राठी का नाम सबसे आगे चल रहा था। परंतु यह समीकरण अब बदल चुका है। अब इस रेश में रिटायर नौकरशाह विनोद शर्मा और बाल आयोग के अध्यक्ष रहे अजय सेतिया सबसे आगे हैं।

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