Thursday, Sep 23, 2021
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there is now awareness in muslim society about the danger of corona infection but albsnt

Corona संक्रमण के खतरे को लेकर मुस्लिम समाज में भी आई हैं अब जागरुकता लेकिन...

  • Updated on 6/5/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हाल के दिनों में कोरोना वायरस (Corona Virus) का संक्रमण दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। उधर केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 5 में काफी ढील लोगों को दी है जिससे फिर से ठप पड़े आर्थिक गतिविधियों को शुरु किया जा सकें। लेकिन यह मान कर चलना कि अब कोरोना वायरस का खतरा टल गया हैं, सही नही है। अभी-भी लोगों को वैश्विक महामारी को लेकर जागरुक रहना होगा। यह बात आज ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम उमेर अहमद इलयासी ने कही है। लेकिन उन्होंने इतना जरुर कहा कि अब पहले की तुलना में मुसलमानों में कोरोना वायरस को लेकर जागरुकता आई है। जिसका वे भी स्वागत करते है।

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उन्होंने इस बात की चिंता जाहिर की है कि जब 8 जून से देश में मंदिर-मस्जिद एक बार फिर से लंबे अंतराल के बाद खुलेंगे तो अनेक सवाल लोगों के मन में उठते है। जिसे उन्होंने स्वाभाविक भी बताया है। उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंसिग का पालन और मास्क पहन कर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि पहले की तरह अब लोग मस्जिद में नमाज अदा करने के लिये भीड़ में एकत्रित नहीं हो सकते है। बल्कि 10 साल से कम उम्र और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मस्जिद नमाज अदा नहीं करने की गाइडलाइंस उन्होंने जारी भी कर दी है। 

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उमेर अहमद इलयासी ने हेल्थ केयर्स, प्रशासन के साथ लोगो के गलत व्यवहार पर भी अफसोस जताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब मुसलमान ज्यादा जागरुरक हुए है। जिसका परिणाम है कि लॉकडाउन के दौरान ईंद के समय भी लोगों ने घरों पर ही रहकर नमाज अदा किया था। उन्होंने कहा कि यह सोचना कि कोरोना वायरस धर्म देखकर अटैक करता है,हास्यास्पद है। दरअसल लोगों को जागरुक करने की जरुरत है। उन्हें इस बात पर संतोष है कि लोग कोरोना वायरस के खतरे को लेकर ज्यादा सचेत हुए है।

 

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