Saturday, Mar 23, 2019

‘एक था पाकिस्तान’

  • Updated on 3/1/2019

काफी वर्षों के बाद जब यह दुनिया ऐसी नहीं रह जाएगी और बहुत सी चीजें बदल चुकी होंगी तब हमारे देश ङ्क्षहदुस्तान में जो इतिहास पढ़ाया जाएगा, उसका एक अध्याय होगा, ‘एक था पाकिस्तान’ जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को पाकिस्तान के बारे में समझाया जाएगा और बताया जाएगा कि दुनिया के नक्शे पर कभी एक ऐसा मुल्क भी था जिसे पाकिस्तान कहते थे। वह एकनिहायत दुष्ट,  कमबख्त और गिरा हुआ मुल्क था क्योंकि उसका निर्माण ही बहुत गिरी हुई हरकतों से किया गया था।

सन् 1947 में जब अंग्रेजों को ङ्क्षहदुस्तान छोड़कर जाना पड़ा तो जाते-जाते उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे इस क्षेत्र में हमेशा अशांति बनी रहे और किसी तरह की प्रगति न हो सके। उन्होंने हिंदुस्तान के दोनों कोनों पर दो टुकड़े काटकर अलग कर दिए, जिन्हें पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान कहा जाने लगा।

बाद में पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान भी एक देश न रह कर अलग-अलग टुकड़ों में बंट गए। उसमें से एक टुकड़ा पाकिस्तान के नाम से जाना गया और दूसरे को बंगलादेश का नाम दिया गया। 

पाकिस्तान के नाम से जाना जाने वाला  जमीन का वह हिस्सा निहायत गलीज और बुरी हरकतें करने के लिए  सारी दुनिया में बदनाम हुआ। पाकिस्तान को बनाने में जिस व्यक्ति की बहुत बड़ी भूमिका रही, उसका नाम जिन्ना था जो अपने नाम के अनुरूप एक जिन्न की तरह शराब का सेवन करता और मांसाहारी भोजन का शौकीन था। मुसलमानों के लिए हराम समझी जाने वाली सभी लानतों का शैदाई था। ऐसे गिरे हुए व्यक्ति ने पाकिस्तान का निर्माण करवाया था। 

पाकिस्तान अपने संस्थापक जिन्ना की तरह ही गिरी हुई हरकतें करने लगा। वह आतंकवाद का प्रायोजक बन गया।  सारी दुनिया में चल रहे आतंकवाद का पोषक बन गया और ङ्क्षहदुस्तान को अस्थिर करने वालों का सबसे बड़ा हिमायती बन गया। उसने कश्मीर का नाम लेकर ङ्क्षहदुस्तान में हमेशा अस्थिरता फैलाने की कोशिश की। यहां बम विस्फोट करवाए। निर्दोष नागरिकों की हत्या की।

एक बार पाकिस्तान समॢथत कुछ कमजर्फों (कमीनों) ने ङ्क्षहदुस्तान के सिपाहियों से भरे ट्रक पर कायराना हमला करके 42 सिपाहियों का कत्ल कर दिया। इस कत्लेआम से ङ्क्षहदुस्तान पूरी तरह बिफर गया।

उसके क्रोध की कोई सीमा न रही। उसने अपने सिपाहियों की मौत का बदला लेने की कसम खाई और कुछ ऐसा काम कर दिया कि दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का अस्तित्व मिट गया।तो बच्चो, यह कहानी थी उस देश की जिसे कभी पाकिस्तान कहते थे और यह लेख उसी विषय पर है, जिसका शीर्षक है ‘एक था पाकिस्तान’!                      --महेश दुबे

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी समूह) उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

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