Thursday, Aug 11, 2022
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there will be no degradation of animal carcasses, the process of throwing them in the river will stop

पशुओं के शवों की नहीं होगी दुर्गति, नदी में फेंकने का रूकेगा सिलसिला, करना होगा निस्तारण

  • Updated on 6/17/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। पशु शव निस्तारण संयंत्र की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। पशुओं के शवों का निस्तारण करने की बजाए उन्हें नदी किनारे फेंका जा रहा है। इससे जल प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। संज्ञान में मामला आने पर जिला प्रशासन को हरकत में आना पड़ा है।

हिंडन नदी में प्रदूषण की मार
समस्या के स्थाई समाधान के लिए बड़े एवं छोटे पशुओं के शवों को निस्तारित करने की हिदायत दी गई है। इसके तहत बड़े पशु का शव दफनाने के अलावा छोटे पशु के शव का क्रिमिटोरियम में निस्तारण कराया जाएगा। स्थानीय निकायों को यह दायित्व निभाना होगा। गाजियाबाद शहर में हिंडन में अक्सर मृत पशुओं के शव देखने को मिलते हैं।

शिकायत पर प्रशासन गंभीर
पालतु और लावारिस पशुओं के शवों को चोरी-चुपके वहां लाकर फेंक दिया जाता है। ऐसे में व्यापक दुर्गंध के कारण नदी किनारे रूकना तक मुश्किल हो जाता है। कई-कई दिनों तक शव सड़ने से नदी का जल प्रदूषित होता रहता है। जिला गंगा समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था।

पर्यावरणविद् ने जताई चिंता
कुछ पर्यावरणविद् ने जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह को अवगत कराया था कि हिंडन किनारे समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम कराए जाते हैं। इसके जरिए बच्चों को जागरूक किया जाता है। कार्यक्रम के दरम्यान नदी किनारे मृत पशुओं के शव की वजह से अत्यधिक दुर्गंध फैलने से परेशानी होती है।

इस तरह करना होगा निस्तारण
डीएम ने इस समस्या का स्थाई समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बड़े पशु के शव को दफनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जबकि छोटे पशु के शव का निस्तारण क्रिमिटोरियम में होना चाहिए। नगर निगम और नगर पालिका परिषद को इस आदेश का अनुपालन करना होगा।

पशु शव निस्तारण संयंत्र पर सवाल
उधर, नगर निगम की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के नजदीक कनावनी गांव में पशु शव निस्तारण संयंत्र स्थापित है। जहां मृत पशुओं के शवों के निस्तारण की व्यवस्था है, मगर इस संयंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं हो पा रहा है। कुछ दिन पहले पशु शव निस्तारण संयंत्र में रात्रि के समय जिंदा मवेशियों का कटान होने की शिकायत भी मिली थी।

 

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