Sunday, Jan 26, 2020
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इन घरेलू नुस्खों को अपनाने से मिलेगी चिकनपॉक्स की बीमारी से निजात

  • Updated on 5/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चिकनपॉक्स जिससे लोग पुराने समय में और आज के इस दौर में छोटी माता भी कहते हैं। यह वेरिसेला जोस्टर वायरस के संपर्क में आने की वजह से होता है। ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान के शरीर पर कई लाल चक्ते के निशान बन जाते हैं। इस बीमारी में इंसान के शरीर पर पानी से भरे फफोलें निकलने लगते हैं और ये बेहद खुजलीदार होते हैं जिससे इंसान के शरीर पर लाल दानें या चक्ते बन जाते हैं।

यह बीमारी उन लोगों को ज्यादा होती हैं जिन्हें बचपन में टीका नहीं लगा होता है, साथ ही जिनका इम्युन सिस्टम कमजोर होता है ये बीमारी उन लोगों को भी अपने चपेट में ले लेती हैं। सावधानी न बरतने पर ये बीमारी एक घातक रूप भी ले सकती हैं। बता दें कि, चिकनपॉक्स की ये बीमारी इतनी संक्रामक हैं जिसकी वजह से ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी ये आसानी से हो सकता है। वैसे तो चिकनपॉक्स लोगों को दो बार से ज्यादा नहीं होता है।

वेरिसेला जोस्टर वायरस उन लोगों के लिए अत्यधिक संक्रामक है, जिन्हें कभी चिकन पॉक्स नहीं हुआ है या जिन्होंने इससे बचने का टीका न लगवाया हो। लेकिन कई बार लोग इसके इलाज के लिए ज्यादा से ज्यादा पैसे दवाईयों में खर्च कर देते हैं जो आपके फायदा तो देता है लेकिन उतना नहीं जितना आपको मिलना चाहिए। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे आप अपनी चिकनपॉक्स या छोटी माता कि बीमारी को आसानी से ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कौन - से हैं वो घरेलू नुस्खें...

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नीम

नीम में मिलने वाले एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल गुणों से चिकनपॉक्स की समस्या दूर हो जाती है। साथ ही ये चिकनपॉक्स से होने वाली खुजली और रैश में बहुत आरामदायक हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर फफोलों पर लगाएं ये फफोलों को जल्द सुखाने में मदद करता है। चिकन पॉक्स में आप नीम की पत्तियों को अपने बिस्‍तर पर भी डाल सकते हैं। इसके अलावा नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को चकत्ते वाली त्वचा पर लगाएं। आप नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर नहा भी सकते हैं। ऐसा करने पर आपको राहत का अनुभव महसूस होगा।

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एलोवेरा

एलोवेरा एक प्राकृतिक इलाज है। ऐलोवेरा जेल में पाएं जाने वाले गुण चिकन पॉक्स से संक्रमित हुई त्वचा को ठंडक और आराम देने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीइंफ्लेमेट्री गुण त्वचा को मॉइश्चराइज कर, होने वाली खुजली को कम करता है। एलोवेरा पत्‍ती से जेल को निकालकर, इस ताजा जेल को चकत्तों वाली जगह पर लगाएं। ऐसा करने से आपको चिकन पॉक्स में होने वाली खुजली से आराम मिलेगा।

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शहद 

शहद एक रामबाण घरेलू इलाज हैं क्योंकि इसमें पाए जानें वाले एंटी बैक्टीरियल गुण चिकनपॉक्स से उत्पन्न होने वाली खुजली व चकत्तों को आराम पहुंचाता है। शहद को चक्तों वाली जगह पर लगाएं इसके बाद कुछ देर के लिए छोड़ दें। 20 मिनट बाद साफ पानी से त्वचा पर लगा शहद धीरे से साफ कर लें। ऐसा करने से त्वचा को आराम मिलेगा। शहद न सिर्फ चकत्तों को कम करेगा, बल्कि निशान मिटाने में मदद करेगा।

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गेंदे का फूल

गेंदे का फूल एक बहुत अच्छा उपाये हैं क्योंकि इसमें पाए जानें वाले एंटीसेप्टिक गुण आपकी चक्तों को आराम देता है। गेंदे के फूल और विच हेजल की पत्तियां को रातभर पानी में भिगोएं और फिर उसका पेस्‍ट बना लें और चकत्‍तों पर लगाएं। ऐसा करने से आपको चिकन पॉक्स में फायदा मिलेगा क्‍योंकि गेंदे के फूल में मॉइश्चराइजिंग और विच हेजल में एंटीसेप्टिक गुण होता है।

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विटामिन-ई कैप्सूल 

विटामिन ई के कैप्सूल एक रामबाण उपाये हैं चिकनपॉक्स को ठीक करने का। इसके अंदर मौजूद तेल को चिकन पॉक्स के निशान पर लगाएं। विटामिन-ई तेल त्वचा को हाइड्रेट करता है। यह त्‍वचा से रैशेज को ठीक करने का काम करता है। चिकन पॉक्स का इलाज करने के लिए आप विटामिन-ई कैप्सूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

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