Monday, Jan 25, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 25

Last Updated: Mon Jan 25 2021 09:39 PM

corona virus

Total Cases

10,672,185

Recovered

10,335,153

Deaths

153,526

  • INDIA10,672,185
  • MAHARASTRA2,009,106
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA936,051
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU834,740
  • NEW DELHI633,924
  • UTTAR PRADESH598,713
  • WEST BENGAL568,103
  • ODISHA334,300
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN316,485
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH296,326
  • TELANGANA293,056
  • HARYANA267,203
  • BIHAR259,766
  • GUJARAT258,687
  • MADHYA PRADESH253,114
  • ASSAM216,976
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB171,930
  • JAMMU & KASHMIR123,946
  • UTTARAKHAND95,640
  • HIMACHAL PRADESH57,210
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM6,068
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,993
  • MIZORAM4,351
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,377
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
these parties separated from nda in the year 2020 sohsnt

सफरनामा 2020: साल 2020 में NDA से अलग हुईं ये पार्टियां

  • Updated on 12/30/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) और लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में साल 1998 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को धरातल पर उतारा। इस गठबंधन ने साल दर साल बीजेपी को मजबूत करने का काम किया। 

सफरनामा 2020: इन पांच बड़े मुद्दों पर सालभर केजरीवाल सरकार को घेरती दिखी बीजेपी

24 दलों को मिलाकर बनाया गया था गठबंधन
अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के पहले प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी, इस गठबंधन ने पीएम नरेद्र मोदी के राज में भी अपने चरम को छुआ, लेकिन साल 2020  गठबंधन के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ। आइए जानते हैं किन-किन पार्टीयों ने छोड़ा गठबंधन का दामन....

सफरनामाः मोदी-शाह के लिये क्यों मुश्किल भरा रहा 2020 साल ? लगा सुधार पर ब्रेक

शिरोमणि अकाली दल ने छोड़ा एनडीए का साथ
साल 2020 में केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल (Shiromani akali dal) ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया। दरअसल, अकाली दल की कोर कमेटी ने ये फैसला तब लिया जब पंजाब में बड़ी संख्या में किसान तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान पार्टी ने न सिर्फ एनडीए का दामन छोड़ा बल्कि अकाली दल से हरसिमरत कौर बादल ने भी क़षि कानूनों का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्रीपद से त्यागपत्र दे दिया था।

सफरनामा 2020: इन बड़े नेताओं ने किया अपनी पार्टी से किनारा, थामा विरोधी पार्टी का दामन

हरसिमरत कौर ने इस लिए दिया त्यागपत्र 
हरसिमरत कौर बादल ने कृषि कषि विधेयक पर बयान देते हुए कहा था कि मैंने यह भी आग्रह किया था कि किसानों के साथ वार्ता संपन्न होने तक विधेयकों को प्रवर समिति के पास भेजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेरी मांगों को दरकिनार कर संसद में कानूनों को पेश किया गया जिसके चलते मैंने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया।

सफरनामा 2020: चुनाव जीतने के बाद केजरीवाल सरकार ने साल भर किया इन चुनौतियों का सामना

आरएलपी ने किसान कानूनों के विरोध में छोड़ा साथ
शिरोमणि अकाली दल के बाद नए कृषि कानूनों के मुद्दे पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ( Rashtriya Loktantrik Party) ने भी एनडीए का साथ छोड़ दिया। पार्टी संयोजक व नागौर सासंद हनुमान बेनीवाल ने पार्टी के इस बड़े फैसले के पीछे का कारण किसान विरोधी कानूनों को बताया। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के लाभ के लिए स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने के साथ ही किसानों के कर्ज माफ कर देना चाहिए।    

सफरनामा 2020: 5 बड़े मुद्दे जिन पर इस साल घिरती दिखी मोदी सरकार

एलजेपी ने इस कारण छोड़ा एनडीए का साथ 
वहीं दूसरी और साल 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे में मतभेद की स्थिति पैदा होने पर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था। पार्टी ने संसदीय बोर्ड की बैठक कर स्पष्ट कर दिया कि इस बार विधानसभा चुनाव वे नीतीश के नेतृत्व में नहीं लड़ेंगे और यही कारण है कि पार्टी ने एनडीए का साथ छोड़ने का फैसला लिया है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया कि राजकीय स्तर पर व बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन में वैचारिक मतभेदों का चलते राज्य में लोक जनशक्ति पार्टी ने गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया। हालांकि, पार्टी का केंद्र में गठबंधन जारी रहेगा। 

comments

.
.
.
.
.