Tuesday, Jan 26, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 26

Last Updated: Tue Jan 26 2021 10:47 AM

corona virus

Total Cases

10,677,710

Recovered

10,345,278

Deaths

153,624

  • INDIA10,677,710
  • MAHARASTRA2,009,106
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA936,051
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU834,740
  • NEW DELHI633,924
  • UTTAR PRADESH598,713
  • WEST BENGAL568,103
  • ODISHA334,300
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN316,485
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH296,326
  • TELANGANA293,056
  • HARYANA267,203
  • BIHAR259,766
  • GUJARAT258,687
  • MADHYA PRADESH253,114
  • ASSAM216,976
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB171,930
  • JAMMU & KASHMIR123,946
  • UTTARAKHAND95,640
  • HIMACHAL PRADESH57,210
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM6,068
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,993
  • MIZORAM4,351
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,377
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
these special measures adopted to avoid shani dev anger pragnt

शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए अपनाएं ये विशेष उपाय, जल्द होगा भाग्योदय

  • Updated on 1/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ग्रहों के दोषों के निवारण के उपायों की दुनिया बहुत विचित्र है। विद्वानों द्वारा एक ही ग्रह की शांति के लिए तरह-तरह के उपाय बतलाए जाते हैं। कुछ वैदिक मंत्रों से, कुछ तंत्रों से, कुछ शाबर मंत्रों से, कुछ योग क्रियाओं के माध्यम से, कुछ दान उपवास द्वारा ग्रह शांति के तरीके अपनाते हैं।

Career Horoscope: साल का पहला महीना है बेहद खास, इन 6 राशियों को मिलेगी मनचाही नौकरी

तंत्र गुरु तांत्रिक बहल
प्रकृति ने अमीर या गरीब सभी के लिए ग्रह शांति की व्यवस्था कर रखी है। एक धनाढ्य के लिए लाखों के शनि अनुष्ठान तो दूसरी ओर एक निर्धन के लिए कच्ची घानी के सरसों के तेल से शनि को प्रसन्न करने के उपाय हैं। व्यवसाय या नौकरी में बाधा हो तो यह उपाय कर सकते हैं-शनिवार के दिन सिंदूर, चांदी का वर्क, पांच मोतीचूर के लड्डू, शुद्ध चमेली का तेल और एक देसी पान का बीड़ा लें। पान को पांच लौंग से बंद करके नियमित रूप से शनिवार के दिन हनुमान जी को अर्पण करें और हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।

विवाह में विलम्ब हो तो यह उपाय कर सकते हैं-250 ग्राम काले तिल, 250 ग्राम काले साबुत उड़द, 250 ग्राम तिल का तेल, सवा गज काला कपड़ा, एक जटांवाला नारियल शनिवार के दिन शनि को अर्पण करें। ऐसा शनिवार तक करें। विवाह में विलंब अथवा बाधा हुई तो दूर होगी।

अंक ज्योतिष के हिसाब से जाने किस ग्रह से प्रभावित होगा साल 2021, जाने आप पर पड़ेगा कैसा असर ?

शनि की अनिष्टता दूर करने के उपाय
-हनुमान जी की आराधना करें।
-नीलम या काले घोड़े की नाल का छल्ला मध्यमा उंगली में शनिवार को सायंकाल पहनें।
-शनि संबंधी वस्तुओं का दान करें।
-शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
-चांदी का चौकोर टुकड़ा सदा पास रखें। 
-शनि का प्रभाव कम करने के लिए  भैरों जी की आराधना भी कर सकते हैं। बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं।
-शनिवार का उपवास करना लाभदायक रहेगा।

इन उपायों में से आप किसी भी उपाय को अपनी सामथ्र्य तथा इच्छा के अनुसार करें तो शीघ्र ही शनि आपको सुखी एवं संपन्न व सबल बनाएंगे। लोगों में फैली भ्रांतियां सही नहीं हैं कि शनि क्रूर ग्रह हैं। शनि को दंडनायक मानकर इनकी बुराइयों को नकार दें तथा अच्छाइयों को स्वीकार करें  तो अवश्य ही आपके जीवन में शुभ परिवर्तन आएगा।

जनवरी माह में ये व्रत और त्यौहार होंगे खास, जान लीजिए मनाने का क्या है तरीका

एक बार जब ज्योतिषियों ने गणना की तो पाया कि शनैश्चर कृतिका के अंत में जा पहुंचे हैं। अत: उन्होंने महाराज दशरथ को सूचित किया 'राजन इस समय शनि रोहिणी का भेदन करके आगे बढ़ेंगे, यह उग्र शाटक नामक योग है जो सभी के लिए भयंकर है, इससे भयानक दुॢभक्ष फैलेगा।' यह सुनकर राजा दशरथ ने मंत्रिपरिषद की बैठक की। उन्होंने महॢष वशिष्ठ से पूछा, 'इस संकट को रोकने के लिए क्या उपाय किया जाए?' वशिष्ठ जी बोले, 'राजन, यह रोहिणी प्रजापति ब्रह्मा जी का नक्षत्र है, इसका भेद हो जाने पर प्रजा कैसे रह सकती है? ब्रह्मा और इंद्र आदि के लिए भी यह योग असाध्य है।'

गीता की जन्मस्थली है ज्योतिसर, जानिए इसके महत्व के बारे में

वशिष्ठ जी की बात सुनकर दशरथ असमंजस की स्थिति में पहुंच गए। अंत में उन्होंने मन में साहस किया और दिव्य धनुष लेकर रथ में सवार हो वे अत्यंत वेग से नक्षत्रमंडल में पहुंच गए। रोहिणी पृष्ठ सूर्य से सवा लाख योजन ऊपर है। वहां पहुंच कर दशरथ ने धनुष को खींचा और उस पर संहारास्त्र का संधान कर दिया। वह अस्त्र अति भयंकर था। उसे देख कर शनि भयभीत हो गए फिर उन्होंने हंसते हुए महाराज दशरथ से कहा, 'राजन, आपका महान पुरुषार्थ शत्रु को भय पहुंचाने वाला है। मेरी दृष्टि में आकर देवता, असुर, मनुष्य सबके सब भस्म हो जाते हैं लेकिन आप बच गए। अत: राजन आपके तेज, पौरुष और वीरता से मैं प्रसन्न हूं। आप वर मांगिए, आप जो कुछ मांगेंगे, मैं अवश्य दूंगा।'

कुंडली से जाने अपने जीवन की सफलताओं का राज, ऐसे बन सकती है मार्गदर्शक

तब दशरथ ने कहा, 'शनिदेव, जब तक नदियां और समुद्र हैं जब तक सूर्य और चंद्रमा सहित पृथ्वी स्थित है तब तक आप रोहिणी का भेदन करके आगे न बढ़ें, साथ ही कभी दुर्भिक्ष न करें।' शनि ने वरदान देते हुए कहा, 'एवमस्तु।' दो वर पाकर महाराज दशरथ बड़े ही प्रसन्न हुए। अत्यधिक प्रसन्नता के कारण उनके शरीर में रोमांच हो आया। उन्होंने रथ के ऊपर ही धनुष डाल दिया फिर रथ से नीचे उतर कर वे शनिदेव की स्तुति करने लगे। महाराज दशरथ के स्तुति करने पर शनि ने कहा, 'हे राजेंद्र आपकी स्तुति से मैं प्रसन्न हूं आप वर मांगिए, मैं अवश्य दूंगा।' तब दशरथ ने हाथ जोड़ कर कहा, 'हे सूर्यनंदन! आज से आप किसी भी प्राणी को पीड़ा न दें।'

Horoscope 2021: जानिए कैसा रहेगा आपका नया साल और किस राशि को मिलेगा गड़ा हुआ खजाना

शनि बोले, 'राजन, मृत्युस्थान, जन्मस्थान या चतुर्थ स्थान में मैं रहूं तो उसे मृत्यु का कष्ट दे सकता हूं लेकिन जो श्रद्धा से युक्त, पवित्र और एकाग्रचित होकर मेरी लौहमयी प्रतिमा का शमी-पत्रों से पूजन करके तिलमिश्रित उड़द-भात, लोहा, काली गौ या काला वृषक्ष ब्राह्मण को दान करता है तथा विशेषत: मेरे दिन को मेरे स्तोत्र से मेरी पूजा करता है, पूजन के पश्चात भी हाथ जोड़ कर मेरे स्तोत्र का जाप करता है, उसे मैं कभी पीड़ा नहीं दूंगा। गोचर में, जन्म लग्न में, दशाओं तथा अंतर्दशाओं में ग्रह पीड़ा का निवारण करके मैं सदा उसकी रक्षा करूंगा। इसी विधान से सारा संसार पीड़ा से मुक्त हो सकता है।'

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.